राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस :सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नई SIT गठित , जानें नई कमेटी पर कौन-कौन शामिल …

दिल्ली । अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान राशि में हुई चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है.

सोमवार को मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने यह जानकारी दी.

👉3 वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी कमान

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत गठित इस नई तीन सदस्यीय SIT का प्रमुख लखनऊ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण S को बनाया गया है. टीम में उनके अलावा अयोध्या रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) सोमेन बर्मा और अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गौरव ग्रोवर को बतौर सदस्य शामिल किया गया है.

👉जांच टीम में शामिल होगा चार्टर्ड अकाउंटेंट

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि चूंकि यह मामला पैसों की हेराफेरी और वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है, इसलिए जांच में वित्तीय विशेषज्ञता की जरूरत है. अदालत ने सुझाव दिया कि SIT में फॉरेंसिक ऑडिट का अनुभव रखने वाले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को शामिल किया जाए. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत के इस सुझाव पर सहमति जताते हुए टीम में वित्तीय ऑडिटर को जोड़ने का आश्वासन दिया.

👉धार्मिक मामले में कोई राजनीति न की जाए.

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने याचिकाकर्ताओं और पक्षकारों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि ‘इस संवेदनशील और धार्मिक मामले में कोई राजनीति न की जाए. अदालतें राजनीतिक मंच नहीं हैं.’ निष्पक्ष जांच कर सच्चाई तक पहुंचना ही इसका एकमात्र उद्देश्य है. चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता लाने के लिए प्राइवेट एजेंसी के कर्मचारियों को हटा दिया गया है. अब मंदिर के दान पात्रों की गिनती और बैंक डिपॉजिट का पूरा काम भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का अधिकृत स्टाफ संभालेगा.

अदालत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निर्देश दिया है कि निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर अब तक मिले सभी दान पत्र, सोना-चांदी, आभूषण और नकदी रसीदों का पूरा रिकॉर्ड और इन्वेंट्री सुरक्षित रखी जाए ताकि एसआईटी उसका मिलान कर सके.