CG : दिल्ली के बाद छत्तीसगढ़ की बारी ! अब शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की उठी मांग,रायपुर में पेपर लीक को लेकर छात्रों ने किया प्रदर्शन ,NSUI का मिला समर्थन

रायपुर । बहुचर्चित NEET-UG 2026 का पेपर लीक मामले में राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन एवं आरोपों से घिरे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब छत्तीसगढ़ की सियासत में भी शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक का मुद्दा गरमा गया है। 12वीं बोर्ड के हिंदी प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर रविवार को राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर छात्रों ने प्रदर्शन किया और प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन को एनएसयूआई का समर्थन मिलने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उनका कहना था कि लाखों छात्र पूरे साल मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों पर असर डालती हैं। छात्रों ने सरकार से सिर्फ जांच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जंतर-मंतर आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली में गंभीर चूक हुई है तो प्रदेश में भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी के तहत उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेपर लीक जैसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित व पारदर्शी बनाया जाए। उनका कहना था कि जब तक ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक छात्रों का भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने री-नीट विवाद के बाद जान गंवाने वाली छात्रा हरिका राव के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं का मानसिक दबाव छात्रों पर गंभीर असर डालता है और सरकार को ऐसे मामलों में संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।

👉NSUI का समर्थन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन में शामिल एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि यदि सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाया जाएगा। संगठन ने 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग दोहराई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ में भी पेपर लीक का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। विपक्ष और छात्र संगठन इसे जवाबदेही का सवाल बता रहे हैं, जबकि सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है।