कोरबा। जिले में सरकारी विभागों पर बिजली विभाग का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार सरकारी कार्यालयों पर ₹97.35 करोड़ का बिजली बिल लंबित है। इस स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी दफ्तरों में पोस्टपेड व्यवस्था खत्म कर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
👉अगस्त से पहले रिचार्ज, फिर मिलेगी बिजली

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अगस्त से सरकारी कार्यालयों में बिजली उपयोग के लिए पहले स्मार्ट मीटर रिचार्ज करना होगा, तभी बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। इसका उद्देश्य बकाया राशि पर नियंत्रण और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।
👉किस विभाग पर कितना बकाया?
ग्राम पंचायतें: ₹54.45 करोड़
शिक्षा विभाग: ₹12.63 करोड़
नगर निगम, कोरबा: ₹6.84 करोड़
नगर पालिकाएं: ₹6.80 करोड़
नगर पंचायतें: ₹4.76 करोड़
महिला एवं बाल विकास विभाग: ₹2.90 करोड़
स्वास्थ्य विभाग: ₹2.60 करोड़
👉65% जगह लग चुके हैं स्मार्ट मीटर
जिले में पिछले दो वर्षों से स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चल रहा है। अब तक करीब 65% घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अब स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों और ग्राम पंचायतों में भी चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
👉कुल बकाया ₹402 करोड़ के पार
बिजली विभाग के अनुसार, कोरबा जिले में सरकारी विभागों, घरेलू उपभोक्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों का कुल बिजली बिल बकाया ₹402.83 करोड़ तक पहुंच गया है। इसमें ₹97.35 करोड़ सरकारी विभागों और ₹305.48 करोड़ अन्य उपभोक्ताओं पर बकाया है।
