सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को सख्त फरमान ,कहा – सड़क है तो चलने की जगह भी हो, सड़क में पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ सुनिश्चित करें

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि देश में जहां भी सड़कें हैं, वहां पैदल चलने वालों के लिए उचित रूप से तय सीमा में और पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त जगह सुनिश्चित की जाए।

👉बिना बड़े खर्च के तुरंत करें सीमांकन: सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के. एम. नटराज को संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल निर्देश जारी करने को कहा। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि पैदल यात्रियों की जगह को वाहनों की आवाजाही वाली लेन से स्पष्ट रूप से अलग किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “बिना किसी बड़े निवेश या बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य के भी यह संभव है। बस यह सुनिश्चित करें कि पैदल चलने वालों की जगह का सही ढंग से सीमांकन किया जाए। जहां भी सड़क है, वहां पैदल यात्रियों के लिए जगह होनी ही चाहिए। इसे रस्सी बांधकर या किसी भी अन्य माध्यम से करें और यह सुनिश्चित करें कि उस पर कोई अतिक्रमण न हो।”

👉निर्देश देने के लिए 2 हफ्ते का समय

सुप्रीम कोर्ट ने एएसजी नटराज को अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। पीठ ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सड़क पर चलने वाले आम लोगों में यह विश्वास पैदा होना चाहिए कि वह जगह विशेष रूप से उनके लिए है और वे बिना किसी तेज रफ्तार वाहन के डर या खतरे के सुरक्षित और स्वतंत्र होकर चल सकते हैं।