रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री और जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। शासन ने दो आबकारी उपनिरीक्षकों (Excise Sub Inspector) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं धमतरी की सहायक आयुक्त आबकारी नीलोफर जैन के खिलाफ भी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
👉बलौदाबाजार में जांच में लापरवाही पड़ी भारी

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के रोहांसी स्थित देशी कंपोजिट मदिरा दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री की शिकायत की जांच में आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव द्वारा नियमानुसार कार्रवाई नहीं करने का मामला सामने आया। जांच के दौरान सीसीटीवी रिकॉर्डिंग अधूरी मिली और इसकी जानकारी समय पर जिला कार्यालय को भी नहीं दी गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
👉बालोद में भी कार्रवाई
इसी तरह बालोद जिले की देशी कंपोजिट मदिरा दुकान में निर्धारित सीमा से अधिक शराब बिक्री और जांच में अनियमितता पाए जाने पर आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उप आयुक्त आबकारी, दुर्ग संभाग कार्यालय रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
👉धमतरी की सहायक आयुक्त भी जांच के दायरे में
सरकार ने धमतरी की सहायक आयुक्त आबकारी श्रीमती नीलोफर जैन के विरुद्ध भी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। विभाग का कहना है कि शराब दुकानों में अनियमितताओं और जांच में लापरवाही के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
👉सरकार का स्पष्ट संदेश
राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि शराब दुकानों में ओवररेट बिक्री, जांच में लापरवाही और नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
