कोरबा। कोरबा नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय को कथित रूप से अप्रत्यक्ष धमकी देने वाले व्यवसायी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इस मामले में नगर निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर सहित सभी पार्षद एकजुट होकर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने पहुंचे और व्यवसायी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, कचरा फेंकने के मामले में लगाए गए एक हजार रुपये के जुर्माने को लेकर विवाद के दौरान व्यवसायी ने निगम अधिकारियों के समक्ष अपनी राजनीतिक और सामाजिक पहचान का हवाला देते हुए कथित रूप से कहा कि “यहां कौन नहीं जानता मुझे, मैं यहीं पैदा हुआ हूं। लखन लाल देवांगन से लेकर जय सिंह अग्रवाल मुझे जानते हैं। महापौर संजू देवी राजपूत से लेकर सभापति मुझे जानते हैं। फाइन नहीं दूंगा। ऐसा बोलोगे तो मैं आधा शहर निगम में घुसवा दूंगा। इतना पावर रखता हूं, कौन हूं मेरा नाम पता कर लेना।”
इस कथित बयान को लेकर नगर निगम के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों में नाराजगी है। सभापति एवं पार्षदों ने अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाना और अधिकारियों को दबाव में लेने का प्रयास गंभीर मामला है, जिस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पार्षदों ने कहा कि नगर निगम स्वच्छता और जनहित से जुड़े कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित कर रहा है। ऐसे में निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल अनुचित है, बल्कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है।
उल्लेखनीय है कि कचरा फेंकने और जुर्माना नहीं पटाने के साथ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में नगर निगम के स्वच्छता निरीक्षक की रिपोर्ट पर व्यवसायी राहुल बैग के संचालक द्वय के खिलाफ कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। वहीं दूसरी ओर व्यवसायी की ओर से भी निगम अधिकारियों के खिलाफ थाना में लिखित शिकायत दी गई है।
फिलहाल मामला प्रशासन और पुलिस के संज्ञान में है तथा आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।
