KORBA : आकांक्षी ब्लॉकपोड़ीउपरोड़ा में निर्माणाधीन 100 सीटर बालक आश्रम के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर बिफरे कलेक्टर,एसडीओ , सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने के निर्देश,मैनपॉवर बढ़ाकर 3 माह में शेष कार्य पूर्ण कराने का फरमान

0 पोड़ी उपरोड़ा में विभिन्न विभागों में संचालित विकास कार्यो व निर्मित किए जा रहे भवनों का लिया जायजा,निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालय, स्कूल, आश्रम, पीडीएस भवन, सहित अन्य संस्थाओं का अवलोकन कर कार्य प्रगति की ली जानकारी

कोरबा। जिले के आकांक्षी ब्लॉक
पोड़ीउपरोड़ा में आदिवासी बच्चों के लिए निर्माणाधीन 100 सीटर बालक आश्रम के निर्माण कार्य में निर्माण एजेंसी अपेक्षित गति नहीं ला रही । जिसकी वजह से छात्रावासी बच्चों को इसका समय पर लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा। बुधवार को औचक निरीक्षण में पहुँचे कलेक्टर कुणाल दुदावत ने धीमी कार्य प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शेष सभी कार्य आगामी 3 माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों के प्रति उदासीनता पाए जाने पर संबंधित एसडीओ एवं सब इंजीनियर के विरुद्ध नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।

जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओं की जमीनी स्थिति जानने कलेक्टर कुणाल दुदावत बुधवार को पोड़ीउपरोड़ा विकासखंड के विभिन्न स्थानों का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षा, आदिवासी विकास, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों के चल रहे निर्माण कार्यों एवं संस्थानों का मौके पर पहुंचकर अवलोकन किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपलब्ध व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी लेते हुए अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी अधूरे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने एवं निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा मनोज बंजारे सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

लमना में निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल एवं माध्यमिक शाला भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, तकनीकी स्वीकृति में निर्धारित सामग्रियों का ही उपयोग करने की हिदायत दी। उन्होंने विद्यालय में प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा परिसर के पुराने भवन में लीकेज, सीपेज एवं अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए।
समेलीभांठा के प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने संस्थान में दर्ज एवं उपस्थित बच्चों की जानकारी ली और भवन की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने भवन के लीकेज एवं सीपेज की मरम्मत, रंग-रोगन, फर्श पर टाइल्स लगाने सहित आवश्यक सुधार कार्यों के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन चिकित्सक आवास एवं कोनकोना में ट्रेनिंग सेंटर भवन का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने सम्बंधित निर्माण एजेंसी को निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। तानाखार में निर्माणाधीन उचित मूल्य दुकान भवन का निरीक्षण कर शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।

👉निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पोंडी उपरोड़ा में मैनपावर बढ़ाने के साथ तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य कराने के निर्देश

कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पोड़ी के विद्यालय भवन, किचन एवं डाइनिंग ब्लॉक, बालक एवं बालिका छात्रावास भवन सहित प्रस्तावित परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण ड्राइंग का अवलोकन करते हुए स्थल का साइट लेवलिंग कराने, प्लिंथ लेवल सुरक्षित ऊंचाई तक विकसित करने, बाउंड्री वॉल निर्माण में तेजी लाने तथा लाइन शिफ्टिंग का कार्य शीघ्रता से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी एजेंसी से मैनपावर बढ़ाकर निर्माण में अपेक्षित प्रगति लाने और प्रत्येक चरण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने निर्देशित किया।

👉 आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की आयु के अनुरूप शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाने, नियमित रूप से सीखने की नई गतिविधियां संचालित करने के दिए निर्देश

तानाखार पंचायत के ग्राम मांझीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, ग्रोथ चार्ट, विभिन्न पंजियों तथा पोषण संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र में दर्ज गर्भवती महिलाओं एवं उन्हें वितरित किए जा रहे रेडी-टू-ईट आहार की जानकारी भी ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को बच्चों की आयु के अनुरूप शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाने, नियमित रूप से सीखने की नई गतिविधियां संचालित करने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए और अधिक सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।