रायपुर। जिले के
आरंग क्षेत्र में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्त्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच करीब 30 लाख रुपये के लेनदेन और ब्याज की रकम को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, 3 ब्लेक चेक, पर्स, दोनों के मोबाइल फोन और खून से सने जूते-मोजे व कपड़े बरामद किए हैं।

जानकारी के मुताबिक हत्या की वारदात आरंग थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है सितंबर को पुलिस को ग्राग बनचीदा के पास सुनसान इलाके में एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान 46 वर्षीय शिवकुमार चंद्राकर, निवासी रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा के रूप में की। शिवकुमार के सिर और चेहरे पर धारदार हथियार और कठोर वस्तु से गंभीर चोट के निशान मिले थे। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम, डॉग उक्वायड और साइबर टीम को लगाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शिवकुमार और चंद्रप्रकाश दोनों ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक थे। ग्रामीणों और एक चरवाहे ने पुलिस को बताया कि शिवकुमार को घटना से पहले चंद्रप्रकाश के साथ सफेद स्कूटी पर बनचौदा की तरफ जाते देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी केगों की फुटेज खंगाली ओर शिक्षा विभाग के वीएसके ऐप की लॉग रिपोर्ट की जांच की। पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर को चंद्रप्रकाश करीब 9:35 बजे स्कूल पहुंचा था।
इसके बाद वह निजी काम का बहाना बनाकर स्कूल से बाहर चला गया। इसी दौरान उसके मोबाइल की लोकेशन बंद हो गई। पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद वह करीब 12:50 बजे स्कूल लौटा। उसने अपने मोबाइल से वीएसके ऐप पर उपस्थिति दर्ज करने के बजाय साथी शिक्षक के मोबाइल से अपनी उपस्थिति लगाईी सीसीटीवी, ऐप लॉग और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी को जोड़ने पर पुलिस का शक चंद्रप्रकाश पर मजबूत हुआ। 18 सितंबर को पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
👉30 लाख रूपये के लेनदेन को लेकर था विवाद
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में चंद्रप्रकाश ने बताया कि वह और शिवकुमार कटरीब चार साल से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों के बीच रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट में f निवेश व कारोबार से जुड़े लेनदेन होते थे। आरोपी के अनुसार उसने शिवकुमार को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके बदले शिवकुमार ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण Twitter बैंक के तीन ब्लैक चेक दिए थे। आरोपी का दावा है कि वह इस रकम पर हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले तीन महीने से ब्याज नहीं मिला था।
इसी रकम की वापसी को लेकर दोनों के बीच विवाद और गाली-गलौज होने लगी थी। पुलिस के अनुसार 17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कायर्यालय के पास हुई। यहां रूपये और ब्याज की रकम को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद दोनों बजचौदा के सुनसान इलाके की ओर चले गए। पुलिठा के मुताबिक वहां विवाद बढ़ने पर चंद्रप्रकाश ने उकूटी में रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे वार किया। इसके बाद हथौड़े से उसके सिर और चेहरे पर कई वाट किए। गंभीर चोटों के कारण शिवकुमार की मौत हो गई।
वारदात के बाद आरोपी वापस स्कूल पहुंच गया। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, वीएसके ऐप की लॉग रिपोर्ट, मोबाइल से जुड़ी जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को जांच का आधार बनाया। पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल सामान बरामद किया गया। पुलिस ने चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
