रायपुर।। छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य स्थित तारा कोल ब्लॉक को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। इस मुद्दे पर खुली बहस के लिए जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चुनौती दी है, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इस चुनौती पर पोस्टर के जरिए पलटवार किया है। भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर एक पोस्टर जारी किया है। इसमें भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और दीपक बैज के कार्टून बनाए गए हैं। पोस्टर के जरिए भाजपा ने बघेल को असम का प्रभारी बनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी पहचान बनाए रखने की कोशिश को लेकर तंज कसा है।पोस्टर में बघेल को ‘खुली बहस के लिए चैलेंज’ का बोर्ड पकड़े दिखाया गया है, जबकि टीएस सिंहदेव और दीपक बैज के साथ संगठन और नेतृत्व से जुड़े सवालों को भी दर्शाया गया है।
👉खुले चैलेंज की बेचैनी क्यों… https://t.co/L0NNPZ1XgD
— BJP Chhattisgarh (@BJP4CGState) September 19, 2026
गौरतलब है कि सरगुजा दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने तारा कोल ब्लॉक की स्वीकृति और नीलामी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष दस्तावेजों और तथ्यों के साथ आमने-सामने बैठकर चर्चा करें, जिससे यह सामने आ सके कि तारा कोल ब्लॉक से जुड़े फैसले किस सरकार के कार्यकाल में और किस स्तर पर लिए गए। बघेल ने इससे पहले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हुई सार्वजनिक बहस का भी हवाला दिया और इसी तरह कोल ब्लॉक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री साय के साथ चर्चा की बात कही। भूपेश बघेल के इस चैलेंज के सभी की नजर मुख्यमंत्री और बीजेपी पर टिकी थी। इसी बीच मुख्यमंत्री साय से भी मीडिया ने बघेल के चैलेंज पर सवाल किया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने सधे अंदाज में जवाब देते हुए चर्चा को लेकर कोई सहमति नहीं जताई।
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👉भाजपा ने पोस्टर के जरिए उठाए पुराने फैसलों पर सवाल

भाजपा ने बघेल की चुनौती के जवाब में सोशल मीडिया पोस्टर के जरिए निशाना साधा। बीजेपी ने एक्स पर पोस्टर जारी कर सवाल उठाते हुए पूछा…..खुले चैलेंज की बेचैनी क्यों ? इसके साथ ही पोस्टर में भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और दीपक बैज के कार्टून बनाए गए हैं। पोस्टर के जरिए भाजपा ने बघेल को असम का प्रभारी बनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी पहचान बनाए रखने की कोशिश को लेकर तंज कसा है। इसके साथ ही भाजपा की ओर से तारा कोल ब्लॉक को लेकर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों और वर्तमान विरोध के बीच सवाल खड़े किए गए हैं। भाजपा का दावा है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तारा कोल ब्लॉक को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (CMDC) को आवंटित कराने के लिए केंद्र से आग्रह किया था। पार्टी इसी दावे को आधार बनाकर कांग्रेस के मौजूदा विरोध पर सवाल उठा रही है।
👉कांग्रेस का फोकस मौजूदा नीलामी प्रक्रिया पर
दूसरी ओर कांग्रेस तारा कोल ब्लॉक की नीलामी और हसदेव क्षेत्र में खनन से जुड़े फैसलों को लेकर मौजूदा सरकार से सवाल कर रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि तारा ब्लॉक को लेकर वर्तमान में आगे बढ़ी प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। केंद्रीय कोयला मंत्रालय की ओर से 11 सितंबर 2026 को जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, 2023 में छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर तारा ब्लॉक को व्यावसायिक कोयला खदानों की नीलामी से बाहर किया गया था। मंत्रालय के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से तारा कोल ब्लॉक को आगामी नीलामी में शामिल करने का अनुरोध किया गया था। तारा कोल ब्लॉक पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बहस का केंद्र अब अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में लिए गए फैसले बन गए हैं। कांग्रेस मौजूदा नीलामी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा पुराने निर्णयों और कांग्रेस सरकार की भूमिका का हवाला देकर पलटवार कर रही है। ऐसे में भूपेश बघेल की खुली बहस की चुनौती और भाजपा के पोस्टर वार ने इस राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
