CG : राजधानी के पुलिस कमिश्नरेट पावरलेस ! सांसद बृजमोहन बोले -‘बिना दांत,बिना सींग और बिना पॉवर का , बयान से कानून – व्यवस्था पर छिड़ी नई बहस …

रायपुर ।राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखने के बाद अब उन्होंने मीडिया के सामने पुलिस कमिश्नरेट को “बिना दांत, बिना सींग और बिना पावर का” बताते हुए राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनके इस बयान के बाद पुलिस कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली और संसाधनों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

दिल्ली से रायपुर लौटने के बाद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करना सरकार का अच्छा निर्णय था और इसके लिए वह सरकार को बधाई भी देते हैं। लेकिन मौजूदा व्यवस्था अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा…..“जो अभी पुलिस कमिश्नरेट है… वो बिना दांत के, बिना सींग के और बिना पावर के है।” सांसद का कहना था कि पूरे रायपुर जिले को चरणबद्ध तरीके से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में शामिल किया जाना चाहिए और इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल, संसाधन और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।

दरअसल कुछ दिन पहले ही बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के पुनर्गठन, रिक्त पदों पर भर्ती, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता की मांग की थी। उनका तर्क है कि राजधानी की आबादी और शहरी विस्तार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उसके अनुपात में पुलिस बल और संसाधनों का विस्तार नहीं हुआ है। मीडिया से चर्चा में सांसद ने कहा कि…“रायपुर देश के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है। ऐसे में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

“ उन्होंने कहा कि…..“जब तक पुलिस के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होंगे और अपराधियों में कानून का भय नहीं होगा, तब तक लोगों को पूरी तरह सुरक्षित वातावरण का एहसास नहीं कराया जा सकता।” बृजमोहन अग्रवाल का यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। एक तरफ वे सरकार के ही सांसद हैं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने राजधानी की पुलिस व्यवस्था पर खुलकर सवाल उठाए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो सकती है।

फिलहाल “बिना दांत, बिना सींग और बिना पावर” वाला बयान रायपुर की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को लेकर नई बहस की वजह बन गया है। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस बयान के बाद सरकार और पुलिस विभाग क्या रुख अपनाते हैं। और कमिश्नरेट प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ बृजमोहन अग्रवाल के इस बयान पर विपक्ष एक बार फिर राजधानी में लगातार बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेर सकता है।