रॉयटर, बोगोटा। लैटिन अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता वाले भूकंप में अभी तक 254 लोग मारे गए जबकि 600 से ज्यादा घायल हुए हैं। बचाव कार्य जैसे-जैसे तेज हो रहा है, वैसे-वैसे मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ रही है।
बड़ी संख्या में लोगों के ध्वस्त हुए भवनों के मलबे में दबे होने का अंदेशा है।

देश भर में करीब 1,600 भवन ध्वस्त हुए हैं या फिर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रभावित इलाकों में तीन हजार से ज्यादा लोग लापता हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोलंबिया के अपने समकक्ष ओमर बुला एस्कोबार को भेजे संदेश में भूकंप से हुए जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताया है।
उन्होंने भारत की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में काली, पेरेइरा, चोको और मेनिजालेज हैं। 20 लाख से ज्यादा आबादी वाले काली शहर में करीब 100 लोग मरे हैं जबकि पेरेइरा में सर्वाधिक 101 लोग मरे हैं।
काली में 40 भवन ध्वस्त हुए हैं जबकि पेरेइरा में 58 भवन ध्वस्त हुए हैं। उनके मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने का अंदेशा है। इसी प्रकार से सात हजार की आबादी वाला अल काइरो कस्बा लगभग बर्बाद हो गया है।
वहां पर 80 प्रतिशत निर्माण ध्वस्त हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों के मलबे में दबे हुए हैं। सड़कें और पुल-पुलिया टूटने से बचाव दल कई इलाकों में नहीं पहुंच पा रहे हैं।
इसके चलते आपदा से बचे लोग सीमित साधनों और हाथों से मलबे को हटाते हुए लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। देश के राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला सोमवार रात भूकंप से प्रभावित क्यूब्डो राज्य की राजधानी चोको पहुंचे।
वहां पर उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण करने के बाद बताया कि प्राकृतिक आपदा से निपटने के कार्य में सेना और पुलिस के सभी जवानों का उतार दिया गया है। सरकार का पूरा तंत्र राहत और बचाव कार्यों में लगा है।
उल्लेखनीय है कि एस्प्रिएला ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को ही राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभाला है। अमेरिका ने कोलंबिया में अस्थायी आवास, खाद्य सामग्री और दवाओं इत्यादि के लिए 1.55 करोड़ डॉलर की सहायता राशि का एलान किया है।
