नेपाल में विनाशकारी बाढ़ की चपेट में आया सदगुरू कैलाश यात्रा समूह , इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद 77 लोगों की तलाश जारी , सदगुरू ने वीडियो संदेश जारी कर जताई चिंता …

तिब्बत । नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ का असर नेपाल-चीन सीमा से लगे इलाकों में भी देखने को मिला है। इसी दौरान कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ा एक समूह भी बाढ़ की चपेट में आ गया। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने सोशल मीडिया के जरिए इस घटना को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि उनके कैलाश यात्रा समूह का एक दल तिब्बत-चीन के ग्यिरोंग इलाके में मौजूद था, जहां अचानक आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने हालात बिगाड़ दिए।

सद्गुरु के मुताबिक कैलाश यात्रा से लौट रहा उनका समूह जब इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद था, उसी दौरान अचानक बाढ़ आ गई। देखते ही देखते बाढ़ का पानी इमारत और आसपास के शहर के बड़े हिस्से में भर गया। अचानक आई बाढ़ के कारण वहां मौजूद लोगों के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया। बाढ़ की तेज धार और प्रभावित क्षेत्र में बिगड़े हालात के चलते लोगों से संपर्क करना भी मुश्किल हो गया है।

👉लापता लोगों की जानकारी का इंतजार

सद्गुरु ने कहा कि इस घटना से स्वयंसेवक और सहायता दल बेहद व्यथित हैं। राहत और बचाव कार्य में हरसंभव मदद की जा रही है। हालांकि, इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों की स्थिति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। प्रभावित लोगों का पता लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है। बचाव दल हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लापता लोगों की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

👉नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भी तबाही

अचानक आई इस फ्लैश फ्लड का असर नेपाल और चीन के सीमा क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से देखा गया है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे सड़क, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की खबर है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान इस क्षेत्र से गुजरने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक पहुंचने और लापता लोगों की जानकारी जुटाने की है।

👉राहत-बचाव अभियान पर नजर

स्थानीय प्रशासन और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा ले रहे हैं। वहीं, कैलाश यात्रा समूह से जुड़े लोगों और उनके परिवारों को भी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। फिलहाल इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों की सही संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। राहत एवं बचाव एजेंसियों की कोशिश है कि जल्द से जल्द प्रभावित लोगों का पता लगाया जाए और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।