कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। डिप्टी सीएम विजय शर्मा के कार्यालय के बाहर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों को पुलिस ने वहां से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस और तनातनी की स्थिति भी बनी।
👉आखिर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं अभ्यर्थी?

पुलिस भर्ती के अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में खाली रह गए करीब 1600 पदों को वेटिंग लिस्ट के जरिए भरने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले 12 दिनों से डिप्टी सीएम कार्यालय के बाहर धरना दे रहे थे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब भर्ती प्रक्रिया के बाद पद रिक्त रह गए हैं, तो योग्य अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट के माध्यम से मौका दिया जाना चाहिए।
👉पुलिस ने धरना स्थल से हटाया
मंगलवार को पुलिस ने डिप्टी सीएम कार्यालय के बाहर चल रहे धरने को हटाने की कार्रवाई की। अभ्यर्थियों को वहां से हटाकर राजमहल चौक स्थित निर्धारित धरना स्थल पर भेजा गया। इस दौरान अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच काफी देर तक बहस होती रही। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।
👉जगह बदली, लेकिन आंदोलन नहीं
डिप्टी सीएम कार्यालय से हटाए जाने के बाद भी अभ्यर्थियों ने आंदोलन खत्म करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि धरने की जगह बदलने से उनकी मांग नहीं बदलेगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि 1600 रिक्त पदों पर वेटिंग लिस्ट जारी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
👉अब सरकार के फैसले पर टिकी नजर
पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर हैं। प्रदर्शनकारी जल्द निर्णय लेकर रिक्त पदों को वेटिंग लिस्ट के जरिए भरने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को पुलिस की कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहने से आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।
