कांकेर । कांकेर में शनिवार देर रात सड़क पर हुए विवाद ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी के बेटे और जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अमन मंडावी पर बस को ओवरटेक करने के दौरान विवाद के बाद बस चालक और कंडक्टर से मारपीट करने के आरोप लगे हैं। आरोप यह भी है कि अमन मंडावी शराब के नशे में कार चला रहा था। घटना का एक वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अमन मंडावी को थाने लेकर गई, इसके बाद सुबह उसे छोड़ दिया गया।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा घटनाक्रम कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। इस घटना में पीड़ित बस चालक नीलम सिन्हा के मुताबिक शनिवार देर रात वह बस लेकर मस्जिद चौक से गुजर रहा था। इसी दौरान कार सवार युवकों ने ओवरटेक को लेकर बस को रोक लिया। चालक का आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। सामने आए वीडियो में बस चालक एक युवक की ओर इशारा करते हुए घटना के बारे में बताता नजर आ रहा है। वीडियो में सड़क पर विवाद की स्थिति भी दिखाई दे रही है।
👉मौके पर पहुंची पुलिस, दोनों पक्षों को थाने बुलाया

विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश दी। पुलिस अमन मंडावी को थाने भी लेकर गई थी। हालांकि सुबह उसे छोड़ दिया गया। कांकेर कोतवाली थाना प्रभारी जितेंद्र साहू के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। दोनों पक्षों को शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया गया, लेकिन किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं की।
👉राजनीतिक पहचान को लेकर उठे सवाल
अमन मंडावी कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी के बेटे होने के साथ-साथ जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी भी हैं। यही वजह है कि सड़क पर हुए इस विवाद को लेकर राजनीतिक रसूख और कथित दबंगई का सवाल भी उठ रहा है। हालांकि, फिलहाल पुलिस के अनुसार किसी भी पक्ष ने शिकायत नहीं की है, इसलिए मामले में कोई औपचारिक आपराधिक कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनीतिक पहचान से जुड़े व्यक्ति से संबंधित विवादों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर आम लोगों की अपेक्षाएं अलग होती हैं ? फिलहाल वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। शराब के नशे में वाहन चलाने और मारपीट के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच या अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायत नहीं होने के कारण फिलहाल पुलिस ने मामले को समझाइश तक सीमित रखा है।
