CG : हसदेव एक्सप्रेस की खबर का असर,मूल पदस्थापना स्थल से 250 किमी दूर दंतेवाड़ा के अतिरिक्त प्रभार से हटाई गईं सहायक संचालक उद्यान मीना मंडावी ,कलेक्टर ने DDA श्री पंसारी को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दिया प्रभार

0 बस्तर विकास प्राधिकरण समेत करोड़ों के वित्तीय अनियमितताओं के जांच आदेश में अभी भी प्रतिवेदन का इंतजार

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज कांकेर – दंतेवाड़ा । आखिरकार हसदेव एक्सप्रेस न्यूज की खबर रंग लाई। उत्तर बस्तर कांकेर जिला में पदस्थ सहायक संचालक उद्यान श्रीमती मीना मंडावी को अव्यवहारिक रूप से 250 किलोमीटर दूर दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला का दिया गया अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। कलेक्टर दंतेवाड़ा द्वारा
प्रशासनिक कार्य की सुगमता, विभागीय योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन तथा कृषकों/हितग्राहियों को विभागीय सेवाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित करने की दृष्टि से आगामी आदेश पर्यन्त उप संचालक कृषि दंतेवाड़ा सूरज कुमार पंसारी को सहायक संचालक उद्यान दंतेवाड़ा का प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभार सौंपा गया है।

छ०म० शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर का आदेश क्रमांक ESTB 102(2)/ 145/2026 नवा रायपुर दिनांक 22.04.2026 के द्वारा श्रीमती मीना मंडावी, सहायक संचालक उद्यान विभाग दंतेवाड़ा को स्वयं के व्यय पर तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए सहायक संचालक उद्यान कांकेर में आगामी आदेश तक अस्थाई रूप से पदस्थ करते हुए सहायक संचालक उद्यान दंतेवाडा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था । कांकेर से दंतेवाड़ा की दूरी लगभग 250 कि.मी. होने के कारण सहायक संचालक उद्यान द्वारा दंतेवाड़ा जिले में नियमित रूप से उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों, योजनाओं एवं हितग्राहीमूलक कार्यक्रमों की सतत निगरानी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाना व्यवहारिक रूप से कठिन हो रहा है। इसके परिणाम स्वरूप विभागीय योजनाओं के सुचारू रूप से संचालन करने तथा मैदानी कार्यों के पर्यवेक्षण में कठिनाई उत्पन्न हो रही है।जिसे लेकर हसदेव एक्सप्रेस ने भी प्रमुखता से खबर प्रकाशन कर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था।

उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए कलेक्टर देवेश ध्रुव ने सोमवार को प्रशासनिक कार्य की सुगमता, विभागीय योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन तथा कृषकों/हितग्राहियों को विभागीय सेवाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित करने की दृष्टि से आगामी आदेश पर्यन्त उप संचालक कृषि दंतेवाड़ा सूरज कुमार पंसारी को सहायक संचालक उद्यान दंतेवाड़ा का प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभार सौंपा दिया गया है।

गौरतलब हो कि सुशासन की सरकार में उद्यानिकी विभाग भ्रष्टाचार की ढाल बनी हुई है।जिस तरह एक दर्जन जिलों में सहायक संचालकों के रिक्त पदों का हवाला देकर मनमाने तरीके से भ्रष्टाचार के प्रमाणित आरोपों से घिरे चहेते अफसरों को रेवड़ियों की तरह मनचाहे जिलों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है उससे निसंदेह यह कहना कोई अतिशयोक्ति पूर्ण भी नहीं लगता। बस्तर विकास प्राधिकरण में 20.51 लाख का फर्जी भुगतान कर महालेखाकार की ऑडिट में पकड़ाईं व डीएमएफ एवं विभागीय मद से संचालित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के साढ़े 9 करोड़ रुपए के बंदरबाट के दस्तावेजी आरोपों से घिरी महिला सहायक संचालक को बड़ी चालाकी से समन्वय में मुख्यमंत्री के अनुमोदन से 250 किलोमीटर दूर कांकेर जिला पदस्थ तो कर दिया गया। लेकिन भ्रष्टाचार की आकंठ में डूबे उद्यानिकी विभाग के अफसरों को पूरे संभाग में कोई योग्य सहायक संचालक नजर नहीं आए लिहाजा जिस जिले से हटाया उसी जिले का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया था । लिहाजा प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी धन – धान्य योजना में शामिल कार्यालय सहायक संचालक उद्यान दंतेवाड़ा में पूर्णकालिक अधिकारी नहीं होने की वजह से किसानों हितलाभ प्रभावित हो रहा था। जिसे हसदेव एक्सप्रेस ने प्रमुखता से शासन प्रशासन के संज्ञान में लाया था। जिसका परिणामस्वरूप महिला सहायक संचालक को अव्यवहारिक रूप से 250 किलोमीटर दूर दंतेवाड़ा जिले की दी गई अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। सहायक संचालक मीना मंडावी के दंतेवाड़ा के प्रभार से मुक्त होने होने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं बस्तर विकास प्राधिकरण ,डीएमएफ समेत अन्य योजनाओं की जांच में पारदर्शिता और अपेक्षित गति आएगी।