CGPSC SCAM : ED का बड़ा एक्शन, पूर्व CM भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD चेतन बोरघरिया गिरफ्तार ,जानें पूरा मामला …

रायपुर-बलरामपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े कथित पर्चा लीक और चयन अनियमितता मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन ओएसडी बताए जा रहे और वर्तमान में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ चेतन बोरघरिया को बलरामपुर से गिरफ्तार किया है। फिलहाल चेतन ईडी की रिमांड पर हैं और उनसे कथित आर्थिक लेन-देन को लेकर पूछताछ की जा रही है।

👉3.2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन की कड़ी तलाश रही ED

सूत्रों के मुताबिक, ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर पर्चा उपलब्ध कराने और चयन में मदद के नाम पर वसूले गए करीब 3.2 करोड़ रुपये में से कितनी रकम चेतन बोरघरिया तक पहुंची। एजेंसी यह भी जांच रही है कि अगर रकम उनके पास पहुंची थी तो उसे आगे किन लोगों तक भेजा गया। हालांकि रकम के अंतिम प्रवाह और इससे जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है।

👉करीब 12 लोगों से पूछताछ, दस्तावेज भी जुटाए

ईडी ने विकास चंद्राकर और उत्कर्ष चंद्राकर के माध्यम से चेतन को कथित रूप से रकम देने वाले अभ्यर्थियों समेत करीब 12 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एजेंसी ने मामले से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं और कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। जांच का फोकस कथित आर्थिक लेन-देन और अभ्यर्थियों के संपर्कों पर भी है।

👉धमतरी स्थित पैतृक घर पर पहले पड़ चुकी है ED की रेड

इस मामले में ईडी की टीम पहले धमतरी स्थित चेतन बोरघरिया के पैतृक निवास पर छापेमारी कर चुकी है। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। एजेंसी इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले तथ्यों के आधार पर भी पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि ईडी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से प्राप्त जानकारी और अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के आधार पर प्रकरण को आगे बढ़ा रही है।

👉चैट और कॉल डिटेल से खंगाली जा रही पूरी कड़ी

जांच एजेंसी ने वर्ष 2019 से 2023 के बीच आरोपियों और संदिग्ध व्यक्तियों की कॉल डिटेल और चैट की भी पड़ताल की है। जांच में कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले चैट में कथित तौर पर पैसे के लेन-देन, पर्चा उपलब्ध कराने और इंटरव्यू में मदद से जुड़ी बातचीत के संकेत मिलने का दावा किया गया है। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। विकास, अनिल और उत्कर्ष चंद्राकर की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है।

👉कई आरोपियों की संपत्तियों पर भी ED की नजर

ईडी ने कारोबारी श्रवण कुमार गोयल, सेवानिवृत्त आईएएस टामन सिंह सोनवानी, जीवन किशोर ध्रुव, राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी आरती वासनिक और ललित गणवीर समेत अन्य आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने का दावा किया है। इन संपत्तियों को अटैच करने के लिए अदालत में आवेदन दिए जाने की बात भी सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान कुछ संपत्तियों के कथित अपराध से अर्जित आय से जुड़े होने के साक्ष्य मिले हैं। हालांकि आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल ED वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों को जोड़कर CGPSC मामले की कड़ियां तलाश रही है