CG : “आशीर्वाद का दीया “पर गरमाई सियासत,दीया -बाती कौन खरीद रहा,तेल कौन लाएगा-भूपेश बघेल,पूर्व मुख्यमंत्री ने दागे दनादन सवाल,कहा -क्या यह सरकारी कार्यक्रम है? जनता के पैसों को इस तरह व्यर्थ नहीं किया जा सकता ,विधानसभा में हर सचिव/कलेक्टर से खर्च का मांगेंगे हिसाब …

रायपुर। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 76 साल के हो जाएंगे। इसी समय उनको किसी संवैधानिक पद पर रहते हुए 25 बरस भी पूरे हो रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इसका उत्सव “आशीर्वाद का दीया” जलाकर मना रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आयोजन को लेकर सोशल मीडिया पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इतने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. हमें भी नहीं है.
लेकिन जब मुख्यमंत्री इसकी बैठक लेते हैं और फिर विभाग प्रमुख और कलेक्टर इस कार्यक्रम का आयोजन करने लगते हैं तो आपत्ति होती है।
श्री बघेल ने पूछा है कि – क्या यह कोई सरकारी कार्यक्रम है? विभागों को टारगेट क्यों दिया गया है? अगर यह सरकारी कार्यक्रम है तो छत्तीसगढ़ में डेढ़ करोड़ से अधिक और रायपुर शहर में 25 लाख, रायपुर ज़िले में 31 लाख दीए जलाने का खर्च किस मद से किया जा रहा है?
दीया बाती कौन ख़रीद रहा है और तेल कौन लाएगा?
विभाग के सचिव और कलेक्टर साहेबान हिसाब-किताब तैयार रखें। जनता को बताना तो होगा न कि दीए, बाती और तेल का खर्च किस मद से किया गया?
या तो स्वयं बता दीजिएगा या फिर हर सचिव/कलेक्टर से खर्च का हिसाब विधानसभा में मांगेंगे।
श्री बघेल ने कहा है कि जनता के पैसों को इस तरह से व्यर्थ नहीं किया जा सकता।