CG : राजधानी के गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर DGGI की रेड से मचा हड़कम्प , महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद 3 गाड़ियों में पहुंची टीम ने की कार्रवाई, गोदाम में मिले सितार गुटखा के बोरे

रायपुर । राजधानी रायपुर में गुटखा कारोबार को लेकर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने छापेमारी की है। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद अधिकारियों ने शदाणी दरबार मार्केट स्थित एक गोदाम में दबिश दी। जांच के दौरान गोदाम में सितार ब्रांड के गुटखे के 50 से ज्यादा बोरे मिलने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि गोदाम में रखा गुटखा किसका है और इसकी सप्लाई कहां से की जा रही थी।

जानकारी के मुताबिक DGGI की टीम तीन गाड़ियों में मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने गोदाम में रखे गुटखे के स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान गोदाम मालिक और कुछ अन्य लोगों को भी बुलाकर पूछताछ की गई। पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से मिले इनपुट के आधार पर DGGI के अधिकारी रायपुर पहुंचे थे। इसके बाद शदाणी दरबार मार्केट स्थित गोदाम में जांच की गई। अधिकारियों का फोकस गुटखे के स्टॉक, उसके स्रोत और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल पर है।

DGGI सूत्रों के हवाले से कारोबारी बंटी का नाम भी सामने आया है। हालांकि, गोदाम में मिले गुटखे का मालिकाना हक और संबंधित कारोबारी की भूमिका जांच का विषय है। इस संबंध में आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है। रायपुर में छापेमारी से करीब नौ दिन पहले दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित स्टेशन चौक इलाके में भी केंद्रीय जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने कार्रवाई की थी। वहां एक फैक्ट्री में सितार ब्रांड का गुटखा बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान गुटखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली दो मशीनें और करीब 30 बोरे गुटखा जब्त किए जाने की बात कही गई थी।

अब रायपुर में हुई कार्रवाई के बाद दोनों मामलों के बीच संभावित संबंधों और गुटखे की सप्लाई चेन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गोदाम में मिला माल कहां तैयार हुआ, किन लोगों से जुड़ा है और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों में की जा रही थी।फिलहाल DGGI की जांच जारी है। गोदाम में मिले गुटखे के स्वामित्व, कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका और दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।