CG: गरबा केवल मनोरंजन या डांस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा धार्मिक आयोजन,गरबा में जाना है तो माँ -बहन बेटियों के साथ जाएं मुस्लिम युवक ! वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज का आया बड़ा बयान …

रायपुर। शारदीय नवरात्रि के साथ राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में गरबा आयोजनों की तैयारियां तेज हैं। इसी बीच गरबा में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि गरबा को केवल मनोरंजन या डांस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा धार्मिक आयोजन माना जाना चाहिए। इसलिए इसमें शामिल होने वालों को आयोजन की धार्मिक परंपराओं और नियमों का सम्मान करना चाहिए।

👉मां-बहन-बेटियों के साथ जाएं, दूसरे समाज की महिलाओं से गरबा से बचें

डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से कहा कि यदि वे गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो अपनी मां, बहन और बेटियों के साथ जाएं। उन्होंने युवाओं को दूसरे समाज की महिलाओं के साथ गरबा करने से बचने की सलाह दी। उनका कहना है कि पारिवारिक मर्यादा बनाए रखते हुए धार्मिक आयोजन में शामिल होना उचित है।

उन्होंने यह भी कहा कि गरबा में शामिल होने से पहले आयोजन समिति से अनुमति लेना चाहिए और वहां की परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उनके बयान के अनुसार, पूजा, तिलक और कलावा जैसी धार्मिक परंपराओं के प्रति भी सम्मान का भाव होना चाहिए।

👉पहचान छिपाकर एंट्री पर FIR की मांग

गरबा पंडालों में पहचान छिपाकर या गलत नाम से प्रवेश करने के मामलों को लेकर भी डॉ. राज ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर धार्मिक आयोजन में प्रवेश न करे। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो उन्होंने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

👉आयोजकों से ID जांच और सुरक्षा बढ़ाने की अपील

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने गरबा आयोजन समितियों से प्रवेश द्वार पर पहचान सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने की अपील की। उनका कहना है कि इससे विवाद और कानून-व्यवस्था से जुड़ी संभावित परिस्थितियों को रोका जा सकता है।

हालांकि, ‘लव जिहाद’ और छेड़छाड़ से जुड़े उनके उल्लेख उनकी चिंता और आरोप के रूप में ही सामने आए हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई वास्तविक शिकायत, जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए।
गरबा में मुस्लिम युवाओं की एंट्री पर सलीम राज की अपील ने नवरात्रि से पहले धार्मिक आयोजन, पहचान और सुरक्षा को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है।