सूरजपुर। जिले के थाना जयनगर पुलिस ने नीलम बस से 848 किलो 650 ग्राम गांजा तस्करी के मामले में मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी मध्यप्रदेश के कटनी जिला जेल से रिहा होने के बाद जिला जेल के पास से की गई। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
👉बस में झाड़ू की गठरियों के बीच मिला था गांजा
पुलिस के मुताबिक 4 जून 2026 को सूचना मिली थी कि अंबिकापुर से मनेन्द्रगढ़ की ओर जा रही नीलम बस क्रमांक CG 15 EH 4301 में कुछ लोग बोरी और कपड़े में बंधी गठरियों में गांजा लेकर जा रहे हैं। इन गठरियों के ऊपर झाड़ू बांधकर उन्हें ले जाने की बात सामने आई थी।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सिलफिली में बस की तलाशी ली। बस के अंदर छह महिलाएं और चालक मिला। तलाशी के दौरान सीटों के नीचे और ऊपर की स्लीपर सीटों में रखी 53 बोरियों तथा कपड़े और साड़ी में बंधी गठरियों से कुल 848 किलो 650 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
👉4.24 करोड़ का गांजा और बस जब्त
पुलिस ने बरामद गांजे की कीमत करीब 4 करोड़ 24 लाख रुपये बताई है। कार्रवाई में 478 नग झाड़ू, तस्करी में इस्तेमाल नीलम बस और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।
मामले में गोल झरनी, उनर बाई, रूजीना, अटरिया, अन्टबाई, पेहरी बाई और बस चालक छोटन राम के खिलाफ अपराध क्रमांक 140/2026 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(II)(C) और 29 के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके बाद 24 अगस्त 2026 को जाजोन सिंह निवासी बरही, जिला कटनी को भी गिरफ्तार किया गया था।
👉कटनी जेल से बाहर आते ही पकड़ा गया मुख्य सरगना

पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने मामले की विस्तृत जांच करते हुए फरार आरोपियों की तलाश के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी अरसेन धुर्वे पवार उर्फ पारधी, निवासी सिनगौड़ी फुटहा टोला खिरवा, थाना विजयराघवगढ़, जिला कटनी, मध्यप्रदेश, आर्म्स एक्ट के मामले में कटनी जिला जेल में बंद था।
जेल से रिहा होने के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जिला जेल कटनी के पास से उसे पकड़ लिया।
👉उड़ीसा से गांजा और झाड़ू लाने की बात सामने आई
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी अरसेन धुर्वे ने बताया कि मई-जून के दौरान वह खिरहनी पारधी बस्ती में गया था और वहां के लोगों को उड़ीसा जाने तथा झाड़ू फैक्टरी से झाड़ू लाने के लिए साथ चलने को कहा था। इसके बदले प्रत्येक व्यक्ति को 5 से 10 हजार रुपये देने की बात कही गई थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को पिकअप से कटनी ले गया। इसके बाद ट्रेन से बिलासपुर और फिर राउरकेला, उड़ीसा पहुंचे। वहां से पिकअप वाहन में झाड़ू और गांजा लेकर अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के आगे कालीघाट के पास पहुंचे। वहां गठरियों से झाड़ू और गांजा उतारकर सभी को अपने पास रखने के लिए कहा गया।
👉एजेंट के जरिए बुक की गई थी नीलम बस
पुलिस के अनुसार इसके बाद अंबिकापुर बस स्टैंड पहुंचकर एक एजेंट के माध्यम से नीलम बस को विजयराघवगढ़, मध्यप्रदेश तक जाने के लिए बुक किया गया था। बस कालीघाट के पास पहुंची तो सभी लोग झाड़ू और गांजा से भरी गठरियां लेकर उसमें सवार हो गए। सिलफिली के पास पुलिस ने बस को रोककर तलाशी ली और बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और फरार अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी जयनगर अमित गुप्ता, एसआई सोहन सिंह, प्रधान आरक्षक रजिन्दर एक्का, आरक्षक जितेन्द्र साहू और हरि सिंह की भूमिका रही।
