शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा पर भी मंडराया खतरा,आश्रम में वर्चस्व की जंग,CM योगी से सुरक्षा की मांग …

उत्तरप्रदेश । वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला लगातार गहराता जा रहा है। इस घटना के बाद अब खुद प्रेमानंद महाराज की जान और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर महाराज जी को तत्काल प्रभाव से कड़ी सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की है।

👉’आश्रम में दो गुट, नकली संतों और भू-माफिया का कब्जा’: दिनेश शर्मा का बड़ा आरोप

दिनेश शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि आश्रम के भीतर दो स्पष्ट गुट बन चुके हैं। पहला गुट उन असली संतों का है जो प्रेमानंद महाराज के साथ मुख्य आश्रम से करीब 20 किलोमीटर दूर यमुना किनारे एकांत में रहकर भजन और साधना कर रहे हैं। वहीं, दूसरा गुट नकली संतों, भू-माफियाओं और आपराधिक तत्वों का है, जो आश्रम की आड़ में अपनी जड़ें मजबूत कर चुके हैं।
शर्मा का आरोप है कि भू-माफिया और बच्चा माफिया से जुड़े इन असामाजिक तत्वों ने महाराज जी से जुड़े 15 छोटे-बड़े आश्रमों पर अवैध कब्जा कर लिया है। ये लोग यमुना खादर की कीमती जमीनों को अवैध रूप से बेचकर करोड़ों रुपये की काली कमाई कर चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि यह वर्चस्ववादी गुट महाराज जी को भी नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए पूरे तंत्र की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

👉‘योगी जी संतों के रक्षक, प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा देशहित में जरूरी’

दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर विश्वास जताते हुए कहा कि वे स्वयं एक पीठ के महंत और संतों के संरक्षक हैं, इसलिए उन्हें पूरा भरोसा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रेमानंद महाराज के देश-विदेश में करोड़ों अनुयायी हैं और उन्होंने सनातन धर्म का मार्ग प्रशस्त किया है, ऐसे में उनकी सुरक्षा देशहित से जुड़ा मुद्दा है। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम में आए दिन अभद्रता और गुंडागर्दी की घटनाएं बढ़ रही हैं, साधुओं को निशाना बनाया जा रहा है और बच्चों के गायब होने जैसी संदिग्ध गतिविधियां सामने आ रही हैं।

👉शिष्य की खौफनाक और संदिग्ध मौत से उठे गहरे सवाल

इस पूरे सियासी और सामाजिक घमासान की शुरुआत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण (दीपक) की दर्दनाक मौत के बाद हुई। रसिक दुलारी शरण की आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। हालांकि शुरुआती तौर पर इसे चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है, लेकिन घटना के विवरण ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। मृतक के सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ पाया गया था। घटना के तुरंत बाद उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने आश्रम के अंदरूनी घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।