KORBA : निगम के EE पर दुर्व्यवहार और भुगतान रोकने का आरोप,निगम ठेकेदारों का फूटा आक्रोश,आंदोलन की चेतावनी से मची खलबली…

0 आयुक्त ने कही यह बात

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा में ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। कोरबा जोन की कार्यपालन अभियंता (EE) रुचि साहू के खिलाफ नगर निगम कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने दुर्व्यवहार, अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल और निर्माण कार्यों के भुगतान की फाइलें लंबित रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन ने शिकायती पत्र के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन और शहर के निर्माण कार्य बंद करने की चेतावनी दी है।

मामले में नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा है कि इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत हुई है और शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त के इस बयान के बाद अब सबकी नजर जांच के नतीजों पर है।

👉EE रुचि साहू की कार्यशैली पर ठेकेदारों ने उठाए सवाल

नगर निगम कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष असलम खान की अगुवाई में जारी शिकायती पत्र में कार्यपालन अभियंता रुचि साहू की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि कामकाज के सिलसिले में अधिकारी के पास पहुंचने वाले ठेकेदारों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया जाता है और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल होता है।
ठेकेदारों का कहना है कि अपनी समस्याओं और कामकाज से जुड़े विषयों पर चर्चा करने पहुंचने पर उन्हें अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ता है। इन्हीं शिकायतों को लेकर एसोसिएशन ने अधिकारियों के व्यवहार में सुधार और मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई है।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित कार्यपालन अभियंता का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।

👉भुगतान की फाइलें लंबित रखने का आरोप, ठेकेदारों में नाराजगी

ठेकेदारों की नाराजगी का दूसरा बड़ा कारण निर्माण कार्यों के भुगतान में कथित देरी है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि पूरे किए जा चुके कार्यों के बिल और निर्माणाधीन कार्यों के रनिंग बिलों से जुड़ी फाइलें कई-कई दिनों तक लंबित रखी जा रही हैं।
ठेकेदारों के मुताबिक, निर्माण कार्यों में सामग्री, मजदूरी और अन्य मदों पर लगातार खर्च करना पड़ता है। ऐसे में भुगतान प्रक्रिया में देरी होने से आर्थिक दबाव बढ़ता है और आगे के कार्यों पर भी असर पड़ सकता है।

अब सवाल यह है कि भुगतान की फाइलें किन कारणों से लंबित हैं? क्या दस्तावेजों या तकनीकी प्रक्रिया से जुड़ी कोई कमी है, अथवा भुगतान में अनावश्यक देरी हो रही है? जांच में इन पहलुओं की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।

👉आयुक्त आशुतोष पाण्डेय बोले, शिकायत की जांच जारी

इस पूरे विवाद पर नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत हुई है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। आयुक्त ने कहा कि शिकायत सही पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त के इस बयान से स्पष्ट है कि फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में ठेकेदारों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं और उसके आधार पर निगम प्रशासन क्या कदम उठाता है।

👉आंदोलन की चेतावनी, निर्माण कार्यों पर पड़ सकता है असर

नगर निगम कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन और नगर पालिक निगम कोरबा कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन संयुक्त रूप से आंदोलन करेंगे।
एसोसिएशन ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में शहर के निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करने की चेतावनी भी दी है। यदि ठेकेदार इस कदम पर आगे बढ़ते हैं, तो निगम के विभिन्न निर्माण कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

👉अब जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें

एक तरफ ठेकेदारों ने अधिकारी की कार्यशैली और भुगतान प्रक्रिया को लेकर शिकायत की है, तो दूसरी तरफ निगम आयुक्त ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है। ऐसे में अब जांच की निष्पक्षता और उसके नतीजे अहम होंगे।
क्या ठेकेदारों की शिकायतें जांच में सही पाई जाएंगी? क्या भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान निकलेगा? और क्या निगम प्रशासन की पहल से आंदोलन की नौबत टल पाएगी?फिलहाल, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।