नई दिल्ली । साल 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है—कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बदला हुआ और अधिक परिपक्व रूप। संसद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद (जो उनके पांचवें कार्यकाल में पहला संवैधानिक पद है), राहुल गांधी के तेवर और भी आक्रामक हुए हैं। चाहे केंद्र सरकार पर हमला हो, ‘वोट चोरी’ के आरोप हों या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की लामबंदी—राहुल गांधी अब संभलकर और रणनीतिक अंदाज में अपनी बात रख रहे हैं।पहले भी राहुल गांधी इसी तरह से हमला बोलते थे, लेकिन मामला अदालत तक पहुंच जाता था, जिससे फजीहत होती थी. लेकिन अब राहुल गांधी संभलकर और अंदाज बदलकर बोलने लगे हैं.

लेकिन इस बड़े बदलाव के पीछे सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि उनकी वो कोर टीम है जो पर्दे के पीछे रहकर हर कदम, हर रणनीति और हर भाषण को रूप देती है। इस 9-10 सदस्यों वाली कोर टीम में देश के अलग-अलग हिस्सों—बिहार, बंगाल से लेकर गुजरात तक—के विशेषज्ञ शामिल हैं।
आइए जानते हैं राहुल गांधी के उन खास रणनीतिकारों के बारे में, जो उनके दौरों से लेकर सोशल मीडिया नैरेटिव तक सब कुछ संभालते हैं:
- अलंकार सवाई: ‘आंख और कान’
ICICI बैंक के पूर्व कर्मचारी और अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े अलंकार सवाई लंबे समय से राहुल गांधी के साथ हैं। उन्हें राहुल गांधी से मिलने से पहले का ‘आखिरी पड़ाव’ माना जाता है। ग्राउंड इंटेलिजेंस की अपनी टीम के जरिए वे जमीनी फीडबैक जुटाते हैं और राहुल के दौरों व रणनीतियों की योजना बनाते हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भी उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई थी।
- कौशल विद्यार्थी: नीति और रिसर्च के सूत्रधार
बिहार के रहने वाले और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से शिक्षित कौशल विद्यार्थी 2019 में राहुल गांधी के आधिकारिक निजी सचिव रहे हैं। वे पार्टी नेताओं और राहुल गांधी के बीच मुख्य कड़ी हैं। इसके अलावा, रिसर्च टीम के साथ मिलकर राहुल गांधी के भाषणों के लिए तथ्य और इनपुट जुटाना इनकी मुख्य जिम्मेदारी है।
- केबी बायजू: सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के महारथी
पूर्व SPG अधिकारी केबी बायजू ने 2010 में नौकरी छोड़कर राहुल की टीम जॉइन की थी। वे नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा, आवाजाही, यात्रा और सरकारी विभागों से जरूरी मंजूरियों की जिम्मेदारी संभालते हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भी लॉजिस्टिक्स का पूरा काम इन्हीं के जिम्मे था।
- सुनील कानूगोलु: चुनावी और नैरेटिव रणनीतिकार
चुनाव रणनीतिकार सुनील कानूगोलु 2022 में कांग्रेस से जुड़े। कर्नाटक और तेलंगाना विधानसभा चुनावों में जीत तथा ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के पीछे उनकी रणनीति को काफी महत्वपूर्ण माना गया। वे सर्वे, कैंपेन मैनेजमेंट और पार्टी का नैरेटिव तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
- बी. श्रीवत्सा: डिजिटल और सोशल मीडिया का चेहरा
विप्रो और बॉश जैसी दिग्गज कंपनियों में 10 साल काम कर चुके बी. श्रीवत्सा 2021 से राहुल गांधी की सोशल मीडिया उपस्थिति संभाल रहे हैं। राहुल गांधी के सोशल मीडिया पर पोस्ट होने वाला हर कंटेंट श्रीवत्सा की देखरेख और राहुल गांधी की मंजूरी से ही जारी होता है।
👉शीर्ष नेतृत्व का भी पूरा सहयोग
इन मुख्य चेहरों के अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, सैम पित्रोदा और गौरव गोगोई जैसे वरिष्ठ नेता भी लगातार इस टीम को सलाह और इनपुट प्रदान करते हैं।
