फतेहपुर । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद बड़ा हादसा हो गया। तालाब में नहाने उतरे पांच लोग अचानक डूबने लगे। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस की मदद से दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के मुताबिक, 20 अक्टूबर को जिले के खागा थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होना था। जिले में कुल करीब 222 प्रतिमाओं का विसर्जन प्रस्तावित था, जिनमें से लगभग 150 प्रतिमाओं का विसर्जन मंगलवार को होना था। इसके लिए जुलूसों और निर्धारित विसर्जन स्थलों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। ग्राम खुशियारीपुर, मजरे चक कटोगन में स्थापित दो दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के नौबस्ता घाट पर निर्धारित था।

पुलिस की मौजूदगी में जुलूस घाट की ओर जा रहा था। इसी दौरान एक प्रतिमा के साथ चल रहे कुछ लोग निर्धारित घाट पर जाने के बजाय गांव के तालाब पर पहुंच गए और वहां प्रतिमा का विसर्जन कर दिया। प्रतिमा विसर्जन के बाद कुछ लोग तालाब में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान पांच लोग पानी में डूबने लगे। उन्हें डूबता देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से बचाव कार्य शुरू किया।
मौके पर पहुंची पुलिस की पीआरवी ने स्थानीय लोगों की सहायता से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, काफी प्रयास के बाद तीन अन्य लोगों को भी तालाब से बाहर निकाला गया। तीनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरदो ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी
हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी, उपजिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिया। साथ ही, उपलब्ध सरकारी प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता की जानकारी भी दी गई। पुलिस प्रशासन के अनुसार, फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है। अधिकारी मृतकों के परिजनों के संपर्क में हैं।
हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित स्थलों पर ही करें। तालाबों और विसर्जन स्थलों के आसपास नहाने से बचें, क्योंकि पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने से इस तरह के हादसे हो सकते हैं। बुधवार को होने वाले विसर्जन कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित स्थलों पर पुलिस और अन्य अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई है। इस हादसे के बाद उत्सव का माहौल मातम में बदल गया।
