रायपुर । स्मृति इरानी का छत्तीसगढ़ दौरा दो दिनों का रहा, जिसमें वरिष्ठ नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। चार सत्रों में विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई, विशेष रूप से सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर। कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने और संगठन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जमीनी संपर्क की भूमिका को प्रमुखता दी गई।

👉समझें क्या है पूरा मामला
- स्मृति इरानी का छत्तीसगढ दौरा दो दिन का रहा।
- वे भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री और छत्तीसगढ की प्रदेश प्रभारी हैं।
- आखिरी दिन रायपुर में 4 अलग बैठकें हुईं।
- चर्चा के केंद्र में संगठन, योजनाएं और जनता से संवाद रहा।
- स्मृति इरानी ने बूथ स्तर तक संगठन फैलाने पर जोर दिया।
👉रायपुर भाजपा बैठक में चार सत्र
रायपुर भाजपा बैठक का सिलसिला प्रदेश भाजपा कार्यालय में सुबह से चला। पहला सत्र मौजूदा विधायकों के साथ हुआ। इसमें सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर बात हुई। जनता से सीधा संवाद और संगठन की गतिविधियां भी एजेंडे में रहीं।
दूसरे सत्र में लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ समीक्षा बैठक हुई। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
तीसरा सत्र प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ रहा। इसमें राज्य सरकार की योजनाएं ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर जोर रहा। दिन की आखिरी बैठक भाजपा कोर ग्रुप के साथ हुई। इसमें आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और भावी रणनीतियों पर विचार हुआ।
इस कवायद का दायरा व्यापक रहा। चार बैठकों में विधायक, दोनों सदनों के सांसद, मंत्री और कोर ग्रुप शामिल रहे। सरकार, संसद और संगठन के प्रतिनिधि एक ही दिन एक ही कार्यालय में जुटे।
