2 हाईस्पीड ट्रेनें टकराईं, 68 मौतों से दहला स्पेन, पटरी से हवा में उछलीं ट्रेन!

स्पेन।स्पेन में बुधवार, 28 अक्टूबर को हुए भीषण रेल हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। दो हाई-स्पीड ट्रेनों की जोरदार टक्कर हुई। हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई।

हादसा टोलेडो प्रांत में हुआ, जहां सरकारी रेलवे कंपनी RENFE की हाईस्पीड ट्रेन पटरी पर खड़ी निजी कंपनी IRYO की ट्रेन से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई डिब्बे पटरी से उतर गए और मलबा दूर तक बिखर गया। हादसे में 58 अन्य लोगों को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ी। बचावकर्मी क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

यह इस साल स्पेन में हुआ, दूसरा बड़ा हाईस्पीड रेल हादसा है। जनवरी में भी दो ट्रेनों की टक्कर में 46 लोगों की मौत हुई थी। ताजा हादसे के बाद मैड्रिड, स्यूदाद रियल और अंडालूसिया के बीच रेल सेवाएं रोक दी गई हैं। आइए विस्तार से जानते हैं…

👉हादसा कहां और कैसे हुआ?

यह दुर्घटना स्पेन की राजधानी मैड्रिड से दक्षिण की ओर जाने वाले हाईस्पीड रेल मार्ग पर टोलेडो प्रांत में उर्डा और लॉस येबेनेस कस्बों के बीच हुई। दोनों ट्रेनें मैड्रिड से सेविले की दिशा में जा रही थीं।

रेलवे नेटवर्क ऑपरेटर ADIF के मुताबिक, हादसा बुधवार सुबह करीब 8:53 बजे हुआ। सरकारी कंपनी RENFE की ट्रेन आगे चल रही IRYO ट्रेन के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर के बाद IRYO ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। घटनास्थल ग्रामीण इलाके में है, जहां आसपास जैतून के खेत हैं। दोनों ट्रेनों में कुल 544 यात्री सवार थे। इनमें RENFE की ट्रेन में 397 और IRYO की ट्रेन में 147 यात्री थे। हादसे के बाद कई डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ हिस्से ढलान पर जा गिरे, जिससे बचाव अभियान और मुश्किल हो गया।

👉हादसे की वजह क्या थी?

स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने शुरुआती जानकारी के आधार पर हादसे के पीछे रेलवे के केंद्रीय कमांड सेंटर से दिए गए एक आदेश पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, रेल लाइन के करीब 63 किलोमीटर हिस्से में सुबह 8:30 बजे कंप्यूटर में खराबी के कारण सुरक्षा प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया था। इसके चलते उस हिस्से में चल रही ट्रेनों को रोक दिया गया।

मंत्री ने कहा कि इसके बाद केंद्रीय कमांड सेंटर ने RENFE ट्रेन को दोबारा चलने की अनुमति दे दी, जबकि संबंधित लाइन पर स्टॉप सिग्नल सक्रिय था। उनके मुताबिक, ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। अगर अनुमति दी भी गई, तो गति कम रखने के निर्देश दिए जाने चाहिए थे। हादसे के समय ट्रेन की वास्तविक गति कितनी थी, इसकी जांच की जा रही है। मंत्री ने कहा कि उस हिस्से में गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती थी। हालांकि, दुर्घटना के अंतिम कारण और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।

👉यात्रियों ने क्या बताया?

हादसे में बचने वाले यात्रियों ने टक्कर के बाद के भयावह हालात बताए। RENFE ट्रेन में सफर कर रहे इग्नासियो रेलानो ने स्पेन के सरकारी प्रसारक TVE को बताया कि ट्रेन कुछ देर के लिए रुकी थी। दोबारा चलने के बाद अचानक टक्कर हुई। उनके मुताबिक, टक्कर के दौरान डिब्बा एक ओर झुक गया। यात्रियों का सामान और मोबाइल फोन इधर-उधर बिखर गए। कुछ लोगों को चोटें आईं।

घटनास्थल के पास काम कर रहे निर्माण मजदूर डेविड गोमेज ने बताया कि टक्कर की आवाज सुनकर वह अपने साथियों के साथ मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि यात्री खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। मजदूरों ने रास्ते में लगी कुछ बाड़ काटकर घटनास्थल तक पहुंच बनाई और प्राथमिक उपचार में मदद की।

👉बचाव अभियान में क्या हो रहा है?

स्पेन की स्वास्थ्य मंत्री मोनिका गार्सिया के मुताबिक, आपातकालीन दल सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे लोगों को बाहर निकालने पर ध्यान दे रहे हैं। घायलों को आसपास के अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया।

हादसे के बाद दमकलकर्मी, पुलिस, एंबुलेंस और मेडिकल हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर तैनात किए गए। सैन्य आपातकालीन इकाई को भी राहत कार्य में सहायता के लिए लगाया गया। सुरक्षित बचे यात्रियों को बसों से घटनास्थल से बाहर निकाला गया। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने अपने कार्यक्रम रद्द कर हादसे पर दुख जताया। राजा फेलिप VI और रानी लेटिजिया ने भी पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

👉स्पेन में इस साल दूसरा बड़ा रेल हादसा

जनवरी 2026 में दक्षिणी स्पेन के अदामुज इलाके में भी IRYO और RENFE की ट्रेनों से जुड़ी दुर्घटना हुई थी। उस हादसे में 46 लोगों की मौत हुई थी। अक्टूबर की दुर्घटना ने देश की हाईस्पीड रेल व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्पेन ने पिछले तीन दशकों में हाईस्पीड रेल नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है।

देश में करीब 3,900 किलोमीटर हाईस्पीड रेल ट्रैक है। हाल के वर्षों में निजी कंपनियों को भी इस नेटवर्क पर सेवाएं चलाने की अनुमति दी गई है। हालांकि, रेलवे कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि ने बढ़ते रेल यातायात के साथ पटरियों के रखरखाव की जरूरत पर सवाल उठाए हैं।