कोयला ढुलाई के जरिए पूरे प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व देने वाला गेवरारोड रेलवे स्टेशन में 336 दिनों से बंद है ट्रेन सेवा,आंदोलन के बाद भी नहीं जागा रेल प्रबंधन,अब केवल कोयला ढुलाई के ही आ रहा काम

कोरबा। प्रदेश को कोयला ढुलाई के मामले में सबसे अधिक राजस्व देने वाली गेवरारोड रेलवे स्टेशन से यात्री सुविधाएं ही छीन ली गई है। ट्रेन सेवा बंद हुए 336 दिन पूर हो गए हैं।समितियों ने प्रदर्शन किए, लेकिन हर बार रेल प्रशासन ने आश्वासन ही दिया। इनकी एकजुटता की कमी की वजह से अफसरों की नींद नहीं टूटी।

गेवरारोड रेलवे स्टेशन अब केवल कोयला ढुलाई के ही काम आ रहा है। गेवरारोड स्टेशन से ट्रेनों का परिचालन पूर्ववत करने की मांग को लेकर स्थानीय व्यापारी व कुछ संगठनों ने प्रदर्शन किया, लेकिन बेहतर परिणाम नहीं निकले। लोग अभी रेल सुविधा से वंचित है। इसकी वजह से बड़ी राजनैतिक पार्टियों का सामने नहीं आना और एकजुटता को कहा जा सकता है।कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, बांकीमोंगरा सहित एक दर्जन से अधिक उप नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नजदीक में स्टेशन होने के बाद भी कोरबा रेलवे स्टेशन आने तक मजबूर होना पड़ रहा है। इसके लिए 20 से 25 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इसका विपरित प्रभाव केवल यात्रियों के सफर में परेशानी ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कारोबार पर भी प्रभाव पड़ रहा है। बावजूद इसके रेलवे प्रबंधन यात्री ट्रेनों के परिचालन को लेकर गंभीर नहीं है। गेवरारोड स्टेशन से यात्री ट्रेन शुरू नहीं होने की वजह से चांपा, बिलासपुर की ओर शासकीय व निजी संस्थान और कंपनी में कार्यरत अधिकारी व व्यापारियों को रोजाना आवाजाही में दिक्कते आ रही है। सुबह गेवरा क्षेत्र से कोरबा स्टेशन जाने के लिए ऑटो, सिटी बस व अन्य साधन नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में 20 से 25 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करना मुश्किल हो रहा है। इससे सबसे अधिक परेशानी महिला, बुजुर्ग सहित अन्य यात्रियों को हो रही है।म

15 अप्रैल से बंद है यात्री ट्रेनें

रेलवे प्रशासन ने कोरोना महामारी के बाद से मेमू व पैसेंजर सहित तीन यात्री ट्रेनों को शुरू किया था। कुछ दिनों तक ट्रेेनें पटरी पर चली, लेकिन अफसरों पर माल ढुलाई का दबाव ऐसा रहा कि कुसमुंडा रेल लाइन पर नॉन इंटरलॉकिंग व मरम्मतीकरण का हवाला देकर कुछ दिनों तक यात्री ट्रेनों को बंद करने का हवाला देकर यात्री ट्रेनों परिचालन पूरी तरह से बाधित कर दिया। इसकी तिथि लगातार बढ़ाती गई। अंतिम बार गाड़ी नंबर 06746 रायपुर-गेवरारोड मेमू लोकल 15 अप्रैल 2022 को गेवरारोड स्टेशन पहुंची थी। इसके बाद से यात्री ट्रेनों का गेवरारोड स्टेशन से नाता ही टूट गया। टिकट काउंटर पर ताला लगा हुआ है।