दिल्ली । भारत के नागरिक उड्डयन नियामक Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने Air India पर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है. एयरलाइन पर आरोप है कि उसने एक Airbus A320 विमान को अनिवार्य एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) के बिना 8 बार उड़ाया.
नवंबर 24 से 25 के बीच यह विमान दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद के बीच यात्रियों को लेकर उड़ा. ARC वह जरूरी वार्षिक प्रमाणपत्र है, जो विमान के सुरक्षा मानकों और नियमों की जांच के बाद जारी किया जाता है. बिना इसके उड़ान भरना गंभीर उल्लंघन माना जाता है.
👉नियामक की सख्ती, भरोसे पर असर

DGCA के 5 फरवरी के आदेश में कहा गया कि इस घटना से जनता का भरोसा और कमजोर हुआ है. आदेश में एयरलाइन के जिम्मेदार प्रबंधक को चूक के लिए दोषी ठहराया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन को 30 दिनों के भीतर 10 मिलियन रुपये यानी लगभग 1.10 लाख डॉलर जमा कराने को कहा गया है.
👉ऐसे खुला मामला
यह मामला तब सामने आया जब एयर इंडिया की आंतरिक जांच में ‘सिस्टम में खामियां’ पाई गईं. जांच में यह भी माना गया कि कंपनी को अपनी अनुपालन संस्कृति में तत्काल सुधार की जरूरत है. इससे पहले भी एयरलाइन को आपात उपकरणों की जांच में लापरवाही और अन्य ऑडिट कमियों के लिए चेतावनी मिल चुकी है.
👉पहले भी हादसों से घिरी रही एयरलाइन
एयर इंडिया, जो Tata Group और Singapore Airlines के स्वामित्व में है, हाल के वर्षों में कई चुनौतियों से गुजर रही है. पिछले साल जून में एक Boeing 787 Dreamliner विमान दुर्घटना में 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिसे कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी माना गया.
👉एयरलाइन की साख पर फिर से दबाव
अब ताजा जुर्माना और सुरक्षा चूक के खुलासे से एयरलाइन की साख पर फिर से दबाव बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों का भरोसा बनाए रखने के लिए एयर इंडिया को सख्त अनुपालन और पारदर्शिता दिखानी होगी, वरना प्रतिस्पर्धा के इस दौर में नुकसान और बढ़ सकता है.
