कोरबा । पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के DMF फंड के दुरुपयोग की पीएमओ ,केंद्रीय खान मंत्रालय को किए शिकायत के बाद संभागायुक्त को प्रकरण के दिए गए जांच के आदेश के बाद मची खलबली के बीच कार्यालय जिला खनिज संस्थान न्यास के परियोजना समन्वयक ने उक्त आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने पूर्व गृहमंत्री के द्वारा लगाए गए आरोपों ,समाचार पत्रों में प्रकाशित उक्त शिकायत को मनमाना तथा निराधार बताया है।

कार्यालय जनसंपर्क से जारी खंडन समाचार में लेख किया गया है कि ननकीराम कंवर, पूर्व मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर (छ.ग.) के द्वारा “सोनालिया पुल के पास बनने वाले अंडर ब्रिज में डीएमएफ से 80 करोड रूपए का नियम विरूद्ध आबंटन करने संबंधी शिकायत दैनिक समाचारपत्रों में प्रकाशन हुआ है। उक्त सम्बंध में परियोजना समन्वयक जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा ने बताया की सोनालिया पुल तथा रेल्वे फाटक के पास मार्ग में हेवी ट्रेफिक की नियमित समस्या के कारण क्षेत्र की आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर सोनालिया ज्वेलर्स के पास आर. यू.बी. का निर्माण स्वीकृत किए जाने की मांग की गयी थी। खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा निर्मित छ.ग. जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 के नियम 22 ( 3 ) (क) अनुसार सेक्टर भौतिक अधोसंरचना अंतर्गत आवश्यक भौतिक संरचनाओं जैसे कि सड़को, पुलों, रेलमार्गों, जलमार्गों, विमान पत्तनों, औद्योगिक पार्कों/क्लस्टर्स और अन्य औद्योगिक अधोसंरचना आदि उपलब्ध कराने का नियम है। उक्त नियमानुसार ही शासी परिषद की बैठक दिनांक 02 फरवरी 2024 में अनुमोदन उपरांत सेक्टर भौतिक अधोसंरचना अंतर्गत चांपा – गेवरा रेल लाईन के लेवल क्रासिंग सीजी 28 में सुनालिया ज्वेलर्स के पास आर. यू.बी. का निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 30,96,89,000/- स्वीकृत किया गया है, न कि 80 करोड़ । उक्त राशि में से 15,48,44,500/- जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा तथा राशि 15,48,44,500/- रेल्वे विभाग (दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे) के द्वारा वहन किया जायेगा। उक्त कार्य हेतु वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) द्वारा निविदा प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार नियमानुसार ही शासी परिषद की बैठक 18 जुलाई 2024 में अनुमोदन उपरांत सेक्टर-भौतिक अधोसंरचना अंतर्गत चांपा गेवरा रेल लाईन के लेवल क्रासिंग सीजी 28 में सोनालिया ज्वेलर्स के पास आर. यू. बी. के निर्माण में प्रभावित परिसम्पत्तियों / संरचनाओं का मूल्यांकन राशि हस्तांतरित करने बाबत् राशि रूपये 3,33,73,737/- की स्वीकृति डीएमएफ से की गई है। भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 27, 28, 29 एवं 30 के आधार पर ही प्रतिकर का भुगतान किया गया। तदानुसार जिला खनिज संस्थान न्यास तथा शासन के नियम एवं निर्देशों के अनुरूप ही उपयुक्त कार्यो के लिये स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार श्री ननकी राम कंवर, पूर्व मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर (छ.ग.) के द्वारा दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित उक्त शिकायत मनमाना तथा निराधार होने से खंडन किया जाता है।पूर्व गृहमंत्री श्री कंवर अपनी शिकायतों के लिए बेबाक ,निर्भिक एवं तटस्थ छवि के लिए जाने जाते हैं ,लिहाजा डीएएमएफ के परियोजना समन्वयक के द्वारा उनके शिकायतों को मनमाना एवं निराधार बताकर खंडन जारी किए जाने के बाद श्री कंवर का अगला रूख देखना दिलचस्प होगा। पूर्व गृहमंत्री श्री कंवर जिला प्रशासन के कार्य गतिविधियों खासकर डीएमएफ एवं माइनिंग के कार्य को लेकर पिछले 6 माह से शिकायत मोड़ में हैं , श्री कंवर किसी भी मुद्दे पर पीछे नहीं हटने के लिए प्रख्यात हैं। ऐसे में इस खंडन के बाद सबकी निगाहें उनके आगामी कदम पर जा टिकी हैं।