कोरबा। शासकीयकरण की मांग को लेकर बेमियादी काम बंद कलम बंद हड़ताल में बैठे पंचायत सचिव शासन के नोटिस कार्रवाई की परवाह न करते हुए अपनी एकसूत्रीय मांगों को लेकर आर पार की लड़ाई की मानसिकता के साथ मोर्चे पर डटे हुए हैं। बुधवार को संघ के प्रांताध्यक्ष बस्तर टाइगर के नाम से विख्यात कोमल निषाद ने कोरबा जिले के हड़ताली साथियों के बीच पहुंचकर उनका हौसला बढ़ाते हुए नई ऊर्जा का संचार किया।उन्होंने पंचायत सचिव साथियों को आश्वत किया कि किसी भी दमनात्मक कार्रवाई से न डरें सरकार बैकफुट पर है ,एकजुटता का परिचय देते हुए हड़ताल में पूरी ऊर्जा जोश के साथ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। जीत पंचायत सचिवों की ही होगी।


गौरतलब हो कि पंचायत सचिवों की शासकीयकरण की मांग को लेकर राज्य सरकार की ओर से किसी तरह पहल नहीं होने से अब संघ ने आंदोलन को और उग्र करने का ऐलान कर दिया है। 2 अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी गई है।
इस दौरान सरकार को जगाने नगाड़ा बजाएंगे, हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। क्रमिक भूख हड़ताल से लेकर रामायण गान गाकर प्रदर्शन किया जाएगा। चरणबद्ध आंदोलन के बाद भी मांगे पूरी नहीं हुई तो 21 अप्रैल से दिल्ली में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर पंचायत सचिव बैठेंगे। इस संबंध में सचिवों ने बताया कि मोदी की गारंटी होने के बाद भी पंचायत सचिव की एकमात्र मांग को एक साल गुजर जाने के बाद भी पूरा नहीं किया जा रहा। पंचायत सचिव 17 मार्च से आंदोलनरत हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों को लेकर सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। ऐसे में शासन-प्रशासन को जगाने अब चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसके बावजूद भी मांगें पूरी नहीं हुई तो प्रदेश पंचायत संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। पंचायत सचिव चरणबद्ध आंदोलन के तहत 6 अप्रैल तक जनपद स्तर पर हड़ताल करेंगे। 7 अप्रैल को जिला स्तर पर रैली निकाली जाएगी, सीएम के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। 8 अप्रैल को जनपद स्तर पर नगाड़ा बजाकर विरोध जताएंगे। 9 अप्रैल को जनपद स्तर पर रामायण गान करेंगे।10 अप्रैल को धरना स्थल पर महावीर जयंती मनाएंगे। 11 अप्रैल को जनपद स्तर पर क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। 12 अप्रैल को सरकार की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। 14 अप्रैल को धरना स्थल पर बाबा अंबेडकर की जयंती मनाएंगे। 15 से 19 अप्रैल तक जनपद स्तर पर क्रमिक भूख हड़ताल किया जाएगा। 20 अप्रैल को प्रदेश के सभी सचिव जंतर-मंतर कूच करेंगे। 21 अप्रैल से दिल्ली में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ जाएंगे।