MP : दीपावली में कैल्शियम कार्बाइड गन ने छीन ली 162 लोगों के आंखों की रौशनी ,200 से अधिक पहुंचे अस्पताल, मचा हाहाकर,प्रशासन सख्त,खरीद के अलावा स्टॉक रखने पर पूरी तरह से लगाई रोक…..

मध्यप्रदेश। दीपावली की खुशियों के बीच इस बार कई घरों में सन्नाटा पसरा है। प्रदेश के भोपाल, विदिशा, ग्वालियर और इंदौर में 200 से अधिक बच्चे घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। कुछ बच्चों की आंखों की रोशनी स्थायी रूप से चली गई है, जबकि कई के चेहरे झुलस गए। मध्य प्रदेश में इस बार दिवाली पर कई घरों की रोशनियां चली गई और अब तक करीब 300 लोगों की आंखों को नुकसान पहुंचा है। इसका सबसे ज्यादा मामला एमपी की राजधानी भोपाल से आया है, जहां 162 से ज्यादा लोगों की आंखों की रौशनी प्रभावित हुई है। इसकी वजह बनी पटाखे और खासतौर पर कैल्शियम कार्बाइड गन बनी है। हालांकि, इन घटनाओं के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और आदेश जारी कर कार्बाइड पाइप गन की बिक्री, खरीद के अलावा स्टॉक रखने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

👉सोशल मीडिया पर वायरल हुआ खतरनाक ट्रेंड

इस घटना की वजह इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल एक ‘फन ट्रेंड’ है। सोशल मीडिया पर पीवीसी पाइप से बनी कार्बाइड गन को कूल अंदाज में प्रोत्साहित किया जा रहा था। कंटेंट बनाने वाले इसे ‘ग्रीन पटाखा’ बता रहे थे।

👉सड़क किनारे चल रही थी खतरनाक दुकानें

शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुछ लोगों ने सड़क किनारे चादर बिछाकर इन खतरनाक गन्स की दुकानें लगाईं। पानी से भरे पाइप में कार्बाइड और पत्थर डालकर हिलाया जाता और फिर लाइटर का बटन दबाते ही धमाका होता। विशेषज्ञों ने माता-पिता और बच्चों को चेतावनी दी है कि ऐसी खतरनाक ट्रेंड्स से पूरी तरह दूर रहें। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी कहा है कि इस तरह के गैरकानूनी उत्पादों की बिक्री और प्रयोग रोकने के लिए कार्रवाई की जाएगी।

👉CM और ICMR ने पहले ही दी थी चेतावनी

दीपावली से पहले 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और सीएस अनुराग जैन ने आदेश दिए थे कि दिवाली पर सस्ती कैल्शियम कार्बाइड गन को बिकने ना दें। उसके बाद भी रौशनी छीनने वाली गन बाजारों में खुलेआम बिकती रही। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर (ICMR) ने भी 2 साल पहले कार्बाइड गन को लेकर चेतावनी दी थी और रिसर्च में बताया था कैल्शियम कार्बाइड और पानी के केमिकल रिएक्शन से बनने वाली गैस एसिटिलीन सिर्फ धमाका नहीं करती, बल्कि आंखों की रौशनी तक छीन लेती है।