मध्यप्रदेश।साल 2026 की महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी मानी जा रही है। यह पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक दिव्य अवसर है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह का उत्सव पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात की गई साधना साधारण व्यक्ति को भी शिव-तत्व की अनुभूति करा सकती है।
👉कब है महाशिवरात्री ?

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 की शाम 05:04 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी 2026 की शाम 05:34 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन शिव भक्त व्रत, पूजा और रात्रि जागरण के माध्यम से भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे।
👉पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिए उपाय

कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी (सीहोर वाले महाराज) के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात्रि आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होती है। इस रात जो भक्त जागरण कर भगवान शिव का स्मरण करता है, उसके कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। यह रात आत्म-शुद्धि, नकारात्मक ऊर्जा के नाश और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सबसे शक्तिशाली मानी जाती है।

👉पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने बताए महाशिवरात्रि उपाय
👉पैसों की तंगी दूर करने के लिए शिवलिंग पर 11 बेलपत्र चढ़ाएं।
👉कर्ज से मुक्ति पाने के लिए जल में काले तिल मिलाकर भोलेनाथ का अभिषेक करें।
👉मनोकामना पूर्ति के लिए शिवलिंग पर शहद और दूध की धारा अर्पित करें।
👉विवाह में आ रही बाधा दूर करने के लिए माता गौरी और भगवान शंकर की एकसाथ पूजा करें और सफेद फूल चढ़ाएं।
