CG : चूहे चट कर गए 7 करोड़ के धान ,डिप्टी CM के गृह जिले में संग्रहण केंद्र में 26 हजार क्विंटल धान के शार्टेज आने पर DMO का बेतुका बयान , मचा सियासी घमासान ,कांग्रेस बोली – “भाजपाई चूहा” ही किसानों का खा गए धान, कलेक्टर ने प्रभारी को किया सस्पेंड,DMO को नोटिस, बिठाई जांच ,जिम्मदारों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज ! जानें पूरा मामला ….

कवर्धा । कवर्धा में धान संग्रहण केंद्र से 26 हजार क्विंटल धान चूहे, दीमक और कीड़े चट कर गये। करोड़ों रूपये के धान गायब होने के मामले में एक तरफ जहां सूबे की राजनीति गरमायी हुई है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले में कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए संग्रहण केंद्र प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही गलत बयानबाजी करने वाले डीएमओं को कलेक्टर ने नोटिस जारी किया है।

गौरतलब है कि कवर्धा जिले में 2 धान संग्रहण केंद्रों से बड़े पैमाने पर करीब 26 हजार क्विंटल धान का शॉर्टेज पाया गया है। जिसके बाद से जिले के साथ ही प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है।

दरअसल कवर्धा में कुल 108 धान खरीदी केंद्र हैं। इनमें से कवर्धा ब्लॉक के बाजार चारभांठा और पंडरिया ब्लॉक के बघर्रा धान खरीदी केंद्र में ये गड़बड़ी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों केंद्रों से करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 7 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। संग्रहण केंद्रों में करोड़ों रूपये के धान शॉर्टेज की जानकारी आने के बाद जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने जो दलील दी, उससे सूबे की राजनीति गरमा गयी है। उन्होने बताया था कि जो धान खराब हुआ है या उपलब्ध नहीं है। वह चूहे, दीमक, कीड़े और मौसम की खराबी के कारण हो सकता है।

उन्होंने कहा कि बघर्रा धान खरीदी केंद्र में जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। डीएमओं के इस बयान के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दा बना दिया। संग्रहण केंद्र से करोड़ों रूपये के धान शाॅर्टेज के मामले को लेकर कांग्रेस ने कलेक्टर और जिला विपणन अधिकारी से शिकायत भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।

👉भौतिक सत्यापन में फर्जीवाड़ा हुआ उजागर ,प्रभारी सस्पेंड

जब मिलर्स द्वारा धान का उठाव पूरा होने के बाद दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया गया, तो इन दोनों केंद्रों से 26 हजार क्विंटल धान की कमी सामने आई।जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय को उनके दायित्व से हटा दिया गया है।

👉चूहा पकड़ने का पिंजरा सौंप मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

प्रदर्शनकारियों ने विपणन संघ अधिकारी को चूहा पकड़ने का पिंजरा सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद कलेक्टर गोपाल वर्मा ने संग्रहण केंद्र प्रभारी को तत्काल सस्पेंड कर दिया है।

वहीं डीएमओं अभिषेक मिश्रा को गलत बयानबाजी के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में धान की कमी का मुख्य कारण सूखत को बताया है। चूहों कीड़ों द्वारा खाए जाने वाली बात नहीं है, यह सूखत के कारण है।

👉पिछले 5 सालों का देखें वर्षवार शार्टेज ( सूखत )

वहीं सूखत के पिछले 5 सालों की तुलना करे तो वर्ष 2020-21 में 3.9 प्रतिशत, 2021-22 में 3.67 प्रतिशत, 2022-23 और 23-24 में संग्रहण नहीं किया गया। 2024-25 में 3.5 प्रतिशत सूखत पाया गया जो पिछले 5 सालों में सबसे कम है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि गठित समिति द्वारा जांच के बाद अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

👉कांग्रेस ने कहा…..”भाजपाई चूहा” ही किसानों का धान खा रहे

कवर्धा में करोड़ों रूपये धान शाॅर्टेज को लेकर कांग्रेस लगातार प्रदेश सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के जिले में 26 हजार क्विंटल धान गायब हो गया। अधिकारी बेशर्मी से कह रहे हैं कि धान चूहे-दीमक खा गए। यह तर्क हास्यास्पद है। ऐसा लगता है कि भाजपाई चूहा ही किसानों का धान खा रहा है। वहीं इन आरोपी पर भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि अगर गड़बड़ी हुई है, तो जांच के बाद संबंधित अधिकारी-कर्मचारी पर कार्रवाई होगी। भाजपाइयों पर आरोप लगाना गलत है। इतिहास रहा है प्रदेश के अधिकतर घोटालों में कांग्रेसियों के ही नाम सामने आए हैं।