गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल मचाने वाले उरमाल ओपेरा मामले में निलंबित एसडीएम तुलसीदास मरकाम को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने कमिश्नर द्वारा जारी निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को 10 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि 16 जनवरी को कमिश्नर महादेव कावरे ने डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए तुलसीदास मरकाम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
👉बिना पक्ष सुने कार्रवाई का लगाया आरोप

हाईकोर्ट में दायर याचिका में तुलसीदास मरकाम ने तर्क दिया था कि उनके पक्ष को जाने बिना ही कमिश्नर द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई, जबकि वे राज्य सरकार के अधीन अधिकारी हैं। उन्होंने निलंबन आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए निरस्त करने की मांग की थी।
👉कुर्सी संभालते ही लिखा पत्र

सोशल मीडिया पर वायरल
हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के अगले ही दिन तुलसीदास मरकाम मैनपुर अनुविभागीय कार्यालय पहुंचे और एसडीएम की कुर्सी संभाली। इसके बाद उन्होंने कमिश्नर और कलेक्टर को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा, जिसमें याचिका क्रमांक और अंतरिम राहत की जानकारी दी गई।
बताया जा रहा है कि यह पत्र कार्यालय की टेबल पर बैठकर लिखा गया, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इतना ही नहीं, एसडीएम की वापसी को लेकर उनके समर्थकों द्वारा अधिकारियों की तस्वीरों के साथ ‘ये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी ह’ जैसे डायलॉग और गानों के साथ पोस्ट भी वायरल किए जा रहे हैं।
👉अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है।
