CG : पहाड़ों में छिपा नक्सलियों का किला ध्वस्त, वर्कशॉप में छिपा रखा था हथियार, ई -30 टीम का बड़ा वार …

गरियाबंद। जिला पुलिस बल गरियाबंद की ई-30 आर्म्स टीम ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। डीजीएन डिवीजन द्वारा डंप कर रखे गए 6 अलग-अलग स्थानों से भारी मात्रा में आटोमेटिक हथियार, हथियार निर्माण वर्कशॉप के उपकरण और बड़ी संख्या में बीजीएल सेल बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई मैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओडिशा सीमा से लगे ग्राम भालू डिग्गीव मटाल की दुर्गम पहाड़ी श्रृंखला में की गई।

पुलिस के अनुसार माओवादियों ने इस इलाके में हथियार बनाने की पूरी व्यवस्था कर रखी थी, जिसे अब पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।
36 घंटे चला सघन सर्च अभियान
संयुक्त पुलिस बल द्वारा चलाए गए 36 घंटे लंबे सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों को माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और उपकरणों को बरामद करने में बड़ी सफलता मिली। बरामद सामग्री में ग्रेडेड आटोमेटिक हथियार, अन्य घातक हथियार और विस्फोटक सामग्री शामिल है।
टॉप नक्सली नेताओं की निगरानी में चल रहा था वर्कशॉप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हथियार वर्कशॉप ओडिशा राज्य कमेटी के मारे गए तीनों सेंट्रल कमेटी सदस्य, चलपति, मनोज और गणेश उईके की निगरानी में संचालित की जा रही थी। यहां हथियारों की मरम्मत और निर्माण का काम किया जाता था।
गरियाबंद में नक्सल हिंसा के खात्मे की ओर बड़ा कदम
संयुक्त पुलिस बल की इस प्रभावी कार्रवाई के बाद गरियाबंद क्षेत्र में नक्सल हिंसा की आशंका लगभग समाप्त मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह ऑपरेशन माओवादियों की कमर तोड़ने वाला साबित हुआ है।
जनवरी 2025 से अब तक की बड़ी उपलब्धि
जनवरी 2025 से अब तक संयुक्त पुलिस बल द्वारा, 28 ग्रेडेड आटोमेटिक हथियार, 29 अन्य घातक हथियार, कुल 57 हथियार, 300 से अधिक कारतूस बरामद किए जा चुके हैं।