CG : इस जिले में डमी राइस मिल ,कागजों में हो रहा था कस्टम मिलिंग ,भौतिक सत्यापन में हुआ भंडाफोड़ , ,774 क्विंटल चावल गायब मिले , प्रशासन सख्त ,2 साल के लिए गोयल एग्रो राइस मिल ब्लैकलिस्टेड …..

मनेन्द्रगढ़ -भरतपुर -चिरमिरी । जिले में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। प्रशासन की सख्त जांच में डमी राइस मिल का भंडाफोड़ हुआ है। कार्रवाई के दौरान गोयल एग्रो राइस मिल में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने मिल को 2 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

दरअसल 16 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में ग्राम घुघरी में 32 टन चावल से लदा वाहन जब्त किया गया था। उसके बाद 22 दिसंबर को गोयल एग्रो केवटी राइस मिल (SDM raid in rice mill) का भौतिक सत्यापन हुआ। संयुक्त जांच में यह तथ्य सामने आया कि राइस मिल में नियमों को दरकिनार कर अनाधिकृत रूप से अंतरराज्यीय चावल परिवहन किया गया।
साथ ही बिना अनुमति चावल का क्रय भी हुआ है। जांच प्रतिवेदन में उल्लेख है कि शासकीय धान को एक मिल से दूसरी मिल में अवैध रूप से स्थानांतरित और चावल एवं धान के स्टॉक का संधारण निर्धारित प्रारूप में नहीं किया गया। हर महीने नियमित रूप से कलेक्टर को रिपोर्ट (SDM raid in rice mill) नहीं भेजी जा रही थी।

👉जांच रिपोर्ट में डमी राइस मिल का खुलासा

संयुक्त टीम की रिपोर्ट में कहा गया है कि गोयल एग्रो केंवटी राइस मिल (SDM raid in rice mill) एक डमी मिल के रूप में संचालित हो रही है। यह केवल दस्तावेजों में कस्टम मिलिंग का कार्य दर्शा रही है। इसकी पुष्टि मिल की अत्यंत कम विद्युत खपत से होने की बात कही गई है। निरीक्षण के दौरान मिल परिसर में गंभीर गंदगी थी,

जहां चावल एवं धान के भंडारण स्थल पर मरे चूहे, कबूतरों की बीट और सड़े चावल मिले। इसे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक बता फूड पॉयजनिंग की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन (SDM raid in rice mill) ने मामले को छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016, धान खरीदी संबंधी आदेशों तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 का उल्लंघन माना है।

👉राइस मिल की खामियां छिपाई

महिला फूड इंस्पेक्टर को नोटिस
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राइस मिल पंजीयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता सामने आने पर कड़ा रुख अपनाया गया है। गोयल एग्रो कंेवटी राइस मिल (SDM raid in rice mill) के भौतिक सत्यापन में लापरवाही बरतने के मामले में खाद्य निरीक्षक केल्हारी ममता भगत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बताया जाता है कि गोयल एग्रो केवटी ने 11 दिसंबर 25 को ऑनलाइन राइस मिल पंजीयन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसका केल्हारी खाद्य निरीक्षक ने 15 दिसंबर 2025 को मिल का भौतिक सत्यापन किया था। हालांकि, 22 दिसंबर को केल्हारी एवं भरतपुर एसडीएम की संयुक्त टीम की पुन: निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं मिली।
चौंकाने वाली बात यह है कि संयुक्त निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं का खाद्य निरीक्षक की ओर से पहले प्रस्तुत प्रतिवेदन में उल्लेख नहीं किया गया था। संयुक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्य के प्रति लापरवाही एवं विभागीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर चूक (SDM raid in rice mill) माना गया है।
खाद्य निरीक्षक को जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि मिल में मिली अनियमितताओं का उल्लेख प्रतिवेदन में क्यों नहीं किया गया। मामले में तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्यवाही करनेे की चेतावनी दी गई है।

👉32 टन चावल जब्त

जांच में सामने आया कि बिहार से 32 टन चावल लाकर अवैध रूप से खपाने की तैयारी की जा रही थी। राइस मिल परिसर में अवैध भंडारण का खुलासा हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल चावल जब्त कर लिया।

👉भौतिक सत्यापन में बड़ा घोटाला

प्रशासन द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में 774.04 क्विंटल चावल की भारी कमी पाई गई, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच के दौरान राइस मिल में फर्जी दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर में हेराफेरी, नियमों के विपरीत भंडारण, सरकारी दिशा-निर्देशों की खुलेआम अनदेखी जैसी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रशासन की जांच में परत-दर-परत खुलासे हो रहे हैं।

👉प्रशासन का सख्त संदेश

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी अनाज (Rice Mill Scam) के साथ किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।