CG राजस्व पखवाड़ा : दफ्तर नहीं अब गांव में निबटेंगे जमीन के हर विवाद

बिलासपुर । जमीन से जुड़े मामलों में महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने की मजबूरी अब कम होने जा रही है। जिले में 1 अप्रैल से “राजस्व पखवाड़ा” शुरू होगा, जिसमें अफसर गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करेंगे। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक में स्पष्ट किया कि यह अभियान सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर समाधान देने का प्रयास होगा।

राजस्व पखवाड़ा तीन चरणों में आयोजित होगा और हर चरण में अलग-अलग गांवों में समाधान शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व अमला सीधे गांव पहुंचकर लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाएगा। खास तौर पर नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बंटांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामलों का मौके पर ही निराकरण करने पर जोर रहेगा।

अभियान के दौरान फसल नुकसान, जनहानि और पशु हानि से जुड़े मामलों में भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि मुआवजा संबंधी प्रकरण लंबित न रहें। इसके साथ ही आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन भी शिविर स्थल पर ही ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे और समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्रामीणों और किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो और अधिक से अधिक मामलों का समाधान मौके पर ही हो। इसके लिए गांव-गांव मुनादी कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन शिविरों का लाभ उठा सकें।
इस पूरी पहल का संदेश साफ है—अब फाइलें दफ्तरों में अटकेंगी नहीं, बल्कि समाधान गांव की चौपाल तक पहुंचेगा।