दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर शाम मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के संभावित खतरे को देखते हुए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम वर्चुअल बैठक की। यह बैठक लगभग दो घंटे चली। बैठक में पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि वर्तमान संकट के बावजूद देश में कोई लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा और टीम इंडिया की तरह एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार अपनी तरफ से हर मुमकिन कदम उठा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इन योजनाओं को सफल बनाने की असली जिम्मेदारी राज्यों के कंधों पर है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे अपने-अपने राज्यों में ऐसी व्यवस्था करें जिससे आम आदमी की जरूरतों पर कोई असर न पड़े।
पीएम मोदी ने मौजूदा स्थिति की तुलना कोरोना महामारी से की और कहा कि उस समय की तरह आज भी केंद्र और राज्य मिलकर परिवार की तरह काम करें। मार्च 2020 में कोविड-19 संकट के दौरान, प्रधानमंत्री ने लगातार मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग्स की थीं और चार दिन बाद देश में लॉकडाउन लागू किया गया था। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय ने तैयारियों की जानकारी दी।
दक्षिण भारत से चंद्रबाबू नायडू और रेवंत रेड्डी, पंजाब से भगवंत मान और जम्मू-कश्मीर से उमर अब्दुल्ला ने भी अपनी बात रखी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गुजरात के भूपेंद्र पटेल और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने राज्यों की तैयारियों का ब्योरा साझा किया। बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री चुनावी आचार संहिता के कारण शामिल नहीं हो सके।
👉PM मोदी ने बैठक में ये अहम बातें कहीं:
- 3 मार्च से सक्रिय इंटर-मिनिस्ट्रील ग्रुप: रोजाना स्थिति की समीक्षा हो रही है और तुरंत फैसले लिए जा रहे हैं।
- सरकार की 4 प्राथमिकताएं:
आर्थिक-व्यापारिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और उद्योग-सप्लाई चेन को मजबूत करना - सप्लाई चेन सुचारू रखें: राज्यों को जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम तुरंत सक्रिय करें।
- कृषि क्षेत्र पर फोकस: खरीफ सीजन से पहले खाद-उर्वरक के भंडारण और वितरण की निगरानी बढ़ाएं, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो।
- अफवाहों पर लगाम: गलत जानकारी और अफवाहों से बचें। सही और भरोसेमंद जानकारी का तुरंत प्रसार करें। ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहें।
- सीमावर्ती-तटीय राज्यों को खास सतर्कता: शिपिंग, जरूरी सामान की आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखें।
- विदेश में रह रहे भारतीयों की मदद: प्रभावित परिवारों के लिए हेल्पलाइन, नोडल अधिकारी और जिला-स्तर पर सहायता केंद्र बनाएं।
- वैकल्पिक ऊर्जा पर जोर: जैव ईंधन, सौर ऊर्जा, गोबर-धन (GOBARdhan), इलेक्ट्रिक वाहन और पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) को तेजी से बढ़ावा दें। घरेलू तेल गैस खोज बढ़ाएं ।
👉मुनाफाखोरी के खिलाफ कठोर कदम उठाने की अपील
पीएम ने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापार में स्थिरता बनाए रखना, एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और इंडस्ट्री और सप्लाई चेन को मज़बूत करना हैं। उन्होंने राज्यों से सप्लाई चेन को ठीक से चलाने और जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की है।
बैठक में कृषि क्षेत्र पर भी खास फोकस रहा। उर्वरकों के भंडारण और समय पर वितरण को लेकर एडवांस प्लानिंग करने को कहा गया है। इसके साथ ही तेजी से फैसले लेने के लिए मजबूत कोऑर्डिनेशन सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया गया।
👉मुख्यमंत्रियों ने मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई
मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीज़ल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता के साथ स्थिति स्थिर बनी हुई है। स्थिति को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
