कोरबा। एसईसीएल की मानिकपुर कोयला खदान ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही उत्पादन के सालाना लक्ष्य को हासिल कर लिया है। चालू वित्तीय वर्ष में खदान को 5.25 मिलियन टन कोयला उत्पादन का टारगेट मिला हुआ था। इस लक्ष्य को लगातार 12वें वर्ष हासिल करने का कीर्तिमान मानिकपुर खदान ने रचा है। इस उपलब्धि के साथ ही मानिकपुर कोयला खदान कोरबा एरिया के साथ-साथ जिले में लक्ष्य हासिल करने वाली एसईसीएल की पहली खदान बन गई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में मानिकपुर खदान से 5.25 मिलियन टन कोयला बाहर निकालने का लक्ष्य रखा गया था। इसे प्रबंधन ने वित्तीय वर्ष समाप्ति से पहले ही प्राप्त कर लिया है। उपलब्धि से खदान प्रबंधन में उत्साह का माहौल है। स्थानीय महाप्रबंधक और एरिया महाप्रबंधक ने पूरी टीम की तारीफ की है और इसे मजदूरों की उपलब्धि बताया है। मानिकपुर कोयला खदान ने लगातार 12वें वर्ष यह कारनामा किया है। कोरबा एरिया अंतर्गत संचालित मानिकपुर खदान इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कोयला खदान है। इसके अलावा इसी एरिया से संचालित विकासखंड पाली में स्थित सराईपाली खदान से 1.82 मिलियन टन कोयले का खनन किया जा चुका है। सराईपाली ओपनकास्ट को वित्तीय वर्ष में 2.1 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया गया था। इसके अलावा कोरबा एरिया के अन्य खदानों की बात की जाए तो रजगामार भूमिगत खदान से 0.01, डेलवाडीह अंडर ग्राउंड से 0.1, सिंघाली से 0.08, बगदेवा से 0.13 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया गया है। एसईसीएल कोरबा क्षेत्र अंतर्गत मानिकपुर उपक्षेत्र ने 30 मार्च को उत्पादन लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर एक गौरवशाली कीर्तिमान की स्थापना की है। लगातार 12 वर्ष से उत्पादन हासिल करने की यह परंपरा बनी हुई है। जो कार्य संस्कृति, निर्देश व उत्कृष्ट टीम भावना का परिणाम है। ऐतिहासिक उपलब्धि पर महाप्रबंधक खान जे एकम्बरम ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों के कठिन परिश्रम की प्रसंशा की है।
