स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर नरम पड़ा ईरान ,दुनिया की जान में आई जान, अब आराम से गुजर पाएंगे ये जहाज,जानें फैसले की वजह ….

एजेंसी। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनियाभर के सारे जरूरी सामानों की निकासी को मंजूरी दे दी है. ईरान ने एक खास प्रोटोकॉल के तहत, आवश्यक सामान और मानवीय मदद से जुड़े सामान की सप्लाई ले जाने वाले सभी जहाजों, खासकर कार्गो शिप और ऑयल-गैस टैंकरों को होर्मुज के अहम समुद्री रास्ते से ईरानी बंदरगाहों तक आने जाने की मंजूरी दे दी है.

अपने इसी आदेश में ईरान की फौज ने ईरान के नजदीकी जलक्षेत्र तक जरूरी सामानों से लदे जहाजों को उनके गंतव्य तक जाने की मंजूरी दे दी है. ईरान के इस फैसले के बाद दुनियाभर के एनर्जी मार्केट में मची उथल-पुथल थमने के आसार हैं.

👉कारोबारी जहाजों को ईरान की हरी झंडी

ईरान की मौजूदा सरकार ने इसके साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनियाभर के कारोबारी जहाजों (केवल अमेरिका-इजरायल) को छोड़कर सभी कारोबारी शिपमेंट को इस रूट से सुरक्षित इंपोर्ट-एक्सपोर्ट करने के लिए आने-जाने की इजाजत दे दी है.

👉एक अप्रैल को पॉजिटिव संकेत, 4 अप्रैल को खुशखबरी’

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक अप्रैल को दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘सिर्फ ईरान और ओमान होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य तय करेंगे. इसके थोड़ी देर बाद भारत स्थित ईरानी दूतावास ने इसे शेयर करते हुए लिखा, ‘हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं. चिंता मत करिए.’ इसके बाद दो अप्रैल को खबर आई कि ट्रंप जब ईरान को झुकाने में नाकाम रहे, तब उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अमेरिका का कोई भी सामान होर्मुज से नहीं आता, इसलिए जिन देशों के सेलर्स और सामान वहां फंसा है, वो खुद ईरान से डील करें, इसके बाद दुनिया के कई देशों ने ईरान के साथ समझाइश की. भारत भी इस मीटिंग में वर्चुअली शामिल हुआ. शनिवार को खुशखबरी आ गई कि ईरान ने होर्मुज पर अपनी जिद छोड़ते हुए कारोबारी जहाजों को वहां से गुजरने की इजाजत दे दी है.

👉ईरान के जिद छोड़ने की वजह क्या हो सकती है?

ईरान को होर्मुज पर अपना अड़ियल रवैया छोड़ने के लिए उसके कुछ मित्र देश और कुछ न्यूट्रल देश लगातार समझा रहे थे. होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के बावजूद ईरान के साथ बातचीत चल रही थी. आखिरकार तमाम कोशिशें रंग लाईं. आखिरकार कई देशों के समझाने का ईरान पर असर हुआ. इस तरह से उसने कारोबार के लिए होर्मुज का संकरा द्वार खोल दिया. एक और वजह ये हो सकती है कि ईरान को कई बार मानवीय मदद भेजने की कोशिशें नाकाम रहीं. अमेरिका-इजरायल की फौजों ने मदद के लिए उड़ान भरने वाले विमानों और जहाजों को उड़ा दिया. इसके बाद शायद ईरान को लगा हो कि हवाई जहाज से सीधी मदद आ नहीं सकती और ज्यादा दिनों तक होर्मुज को रोका तो एक साथ बायकॉट होने की सूरत में उसे अपने घायलों के लिए मानवीय मदद जैसे दवाएं और अन्य सामान नहीं मिल पाएंगे, इसलिए उसने होर्मुज को खोलने का ऐलान कर दिया.