NEET 2026 : जिसने किया पेपर लीक कांड का खुलासा उसी ने सुनाई पूरी दास्तां,देखें वीडियो ….

एजेंसी । 3 मई को परीक्षा होने और अपने छात्रों के लिए पेपर हल करने के बाद, मैं एक परिचित व्यक्ति से मिला। उस व्यक्ति ने मुझे एक PDF दिखाई जिसमें केमिस्ट्री के कुछ सवाल थे।

जब मैंने उस PDF डॉक्यूमेंट के 45 सवालों का मिलान NEET-UG पेपर में दिए गए सवालों से किया, तो मैं हैरान रह गया, क्योंकि सभी 45 सवाल हूबहू मिल रहे थे।’ जिस टीचर ने पहली बार नीट पेपर लीक का खुलासा किया उनका वीडियो सामने आया है। उन्होंने शुरुआत से बताया है कि पेपर लीक का कैसे पता और फिर एनटीए से संपर्क करने के बाद क्या-क्या हुआ।

नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच तेज हो गई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, देहरादून, हरियाणा समेत कई राज्यों में पेपर लीक के तार जुड़े हैं। इस केस की गुत्थी सुलझाते हुए सीबीआई की टीम प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे तक पहुंची है, जिन्हें नीट पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इस बीच उस टीचर का वीडियो सामने आया है जिन्होंने पहली बार नीट पेपर लीक का खुलासा किया था और एनटीए को इसकी सूचना दी थी।

👉नीट पेपर लीक का खुलासा पहली बार कैसे हुआ?

NEET-UG 2026 पेपर लीक का पता कैसे चला, इस बारे में NEET UG 2026 पेपर लीक के कथित मामले में व्हिसलब्लोअर शशिकांत सुथार का वीडियो सामने आया है। न्यूज एजेंसी एएनआई को दो एक इंटरव्यू में शुरुआत से पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कहा, ‘3 मई को परीक्षा होने और अपने छात्रों के लिए पेपर हल करने के बाद, मैं एक परिचित व्यक्ति से मिला। उस व्यक्ति ने मुझे एक PDF दिखाई जिसमें केमिस्ट्री के कुछ सवाल थे। जब मैंने उस PDF डॉक्यूमेंट के 45 सवालों का मिलान NEET-UG पेपर में दिए गए सवालों से किया, तो मैं हैरान रह गया, क्योंकि सभी 45 सवाल हूबहू मिल रहे थे। हमने एक शिक्षक से बायोलॉजी के 90 सवालों का मिलान भी NEET परीक्षा के पेपर से करने को कहा वे सवाल भी मिल गए।’

👉नीट पेपर लीक को गेस पेपर क्यों कहा जा रहा है?

टीचर शशिकांत ने बताया कि जिस पीडीएफ में नीट यूजी एग्जाम आए सवाल हूबहू मैच हो रहे थे उसमें काफी सवाल थे। उन्होंने कहा, ‘दोनों ही पीडीएफ में काफी ज्यादा सवाल थे, इसलिए हम उसे ‘गेस पेपर’ मान सकते हैं।’

👉NTA को नीट पेपर लीक की सूचना देने के बाद क्या हुआ?

व्हिसलब्लोअर टीचर ने कहते हैं, ‘नीट पेपर लीक का पता चलने के बाद हमने एक-दो दिन सबूत जुटाए। सभी सबूतों के साथ एनटीए से कॉन्टेक्ट किया। हमने 7 मई की देर रात एनटीए को ईमेल किया था और 8 मई को सुबह से ही हमारे पास फोन और मैसेज आने शुरू हो गए थे। उन्होंने फास्ट ट्रैक तरीके से काम किया। शाम तक हमारे पास एनटीए की टीम पहुंच गई थी। इसके बाद इस मामले में SOG आई और उन्होंने भी बहुत तेजी से काम किया। इसके बाद इसमें सारी चीजें निकलकर आईं। देश में पहली बार ऐसा हुआ होगा कि किसी पेपर में तीन दिन पहले उसकी जांच शुरू होती है और चौथे दिन उसे पेपर लीक मानकर और री-नीट अनाउंस कर दिया जाता है। इसमें सीकर पुलिस से लेकर एनटीए का अहम भूमिक रही है और बच्चों की मेंटल हेल्थ को ध्यान रखते हुए बहुत तेज काम किया।’

NEET UG 2026 पेपर लीक के कथित मामले में व्हिसलब्लोअर शशिकांत सुथार ने कहा, ‘टीचर होने के नाते मैं यह नहीं सोच सकता था कि एक टीचर ऐसा करेगा। कुछ टीचर की वजह से पूरा शिक्षक समाज बदनाम होता है। सभी शिक्षक साधियों से आग्रह करना चाहूंगा कि भविष्य में ऐसी चीजें न हो। क्योंकि हम जिन बच्चों को मेहनत करने की राय देते हैं, उन बच्चों की मेहनत जाया जाती है। बतौर शिक्षक, हमारा भारत देश अच्छे डॉक्टर या विद्यार्थी देने का दावा करता है। ऐसी चीजें भविष्य में न हों, मैं इसकी कामना करता हूं।’

👉कौन हैं प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और मनीषा?

प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी केमिस्ट्री पढ़ाते हैं और मनीषा मांधरे बॉटनी, जूलॉजी के सवालों का अनुवाद करने की एक्सपर्ट थीं। इसी वजह उनकी पहुंच एनटीए के नीट क्वेश्चन पेपर थी और इसकी का फायदा उठाकर उन्होंने पीवी कुलकर्णी और मनीष वाघमारे के साथ मिलकर नीट पेपर लीक को अंजाम दिया।

पता चला है कि प्रो. पीवी कुलकर्णी और सीनियर टीचर मनीषा मांधरे ने बॉयोलॉजी के सवाल एनटीए से चोरी किए थे। इसके अलावा सीबीआई को फिजिक्स के कुछ सवाल भी लीक होने के सबूत मिले हैं। दोनों नीट पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा थे। दोनों ने सवालों को हाथ से लिखवाया और एक ‘गेस पेपर’ नाम देकर बेचा था। इसमें मनीषा वाघमारे ने एजेंट के तौर पर गेस पेपर बेचा। बता दें कि एनटीए नीट री-एग्जाम अब 21 जून को आयोजित किया जाएगा, जिसके एडमिट कार्ड 14 जून को जारी हो सकते हैं। उम्मीदवारों को नीट एग्जाम से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।