रायगढ़। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम अपने सरगुजा और जशपुर दौरे के बाद रायगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिसिंग का चेहरा मानवीय, पारदर्शी और जवाबदेह होना चाहिए।
👉‘बेसिक पुलिसिंग’ और बीट सिस्टम पर जोर

ऑफिसर्स मेस में आयोजित बैठक में अरुण देव गौतम ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए ‘बीट सिस्टम’ सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीट स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत करें, ताकि अपराध होने से पहले ही रोके जा सकें।
👉हर पीड़ित की सुनवाई जरूरी
डीजीपी ने कहा कि हर थाना प्रभारी खुद पीड़ित की बात सुने और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे। स्थानीय विवादों को समय रहते सुलझाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
👉निष्पक्षता पर सख्त रुख
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए। किसी भी मामले में पक्षपात की कोई जगह नहीं है। पारदर्शिता ही जनता का भरोसा मजबूत करती है।
👉SSP शशि मोहन सिंह की सराहना
डीजीपी ने रायगढ़ में पुलिसिंग के कार्यों की सराहना करते हुए Shashi Mohan Singh के नेतृत्व की तारीफ की। कम्युनिटी पुलिसिंग और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को सकारात्मक कदम बताया।
👉फायर यूनिट का निरीक्षण, सारंगढ़ को निर्देश
दौरे के दौरान डीजीपी ने होमगार्ड की फायर यूनिट का निरीक्षण किया और कलेक्टर Mayank Chaturvedi से चर्चा कर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए फायर ब्रिगेड वाहन और स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
👉साइबर अपराध पर सख्ती
मीडिया से चर्चा में डीजीपी ने बताया कि पुलिस अब साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए ‘म्यूल अकाउंट्स’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। साथ ही, नए सब-इंस्पेक्टरों की जल्द तैनाती से पुलिस बल को और मजबूती मिलेगी।
