रायपुर । नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक शातिर आरोपी ने खुद को मंत्री का रिश्तेदार बताकर चार लोगों से 22.70 लाख रुपये ऐंठ लिए। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने शिकायत के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
👉मंत्रालय में सेटिंग का झांसा

जानकारी के अनुसार, पीड़ित समारू राम टंडन (51) निवासी रामभांठा की मुलाकात अप्रैल 2025 में रायपुर के जयस्तंभ चौक के पास आरोपी कुमार राम ठाकुर (60) और उसकी पत्नी सोहद्रा बाई ठाकुर (55) से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को रामविचार नेताम का बहनोई बताते हुए मंत्रालय में मजबूत पकड़ का दावा किया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित समारू राम टंडन (51), जो रामभांठा के रहने वाले हैं, की मुलाकात अप्रैल 2025 में रायपुर के जयस्तंभ चौक के पास आरोपियों, कुमार राम ठाकुर (60), जो महासमुंद जिले के भद्रारसी गांव के रहने वाले हैं, और उनकी पत्नी सोहाद्रा बाई ठाकुर (55) से हुई। बातचीत के दौरान, आरोपी ने खुद को मंत्री रामविचार नेताम का बहनोई बताया और दावा किया कि मंत्रालय में उसका काफी दबदबा है।
आरोपी ने डेटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर समारू के बेटे सहित अन्य परिचितों पिंटू लहरे, राजेश साहू और लोकनाथ चौहान, से बायोडाटा मंगवाया और रकम की मांग की। शुरुआत में समारू ने 4 लाख रुपये नकद दिए, जबकि बाद में सभी ने मिलकर 9.92 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए।
👉विधानसभा सत्र का हवाला देकर करते रहे टालमटोल
इसके बाद 1 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने सभी को महासमुंद जिले के ग्राम भद्ररसी बुलाया, जहां फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर दिखाकर शेष रकम की मांग की गई। 8 दिसंबर को फिर बुलाकर 8.77 लाख रुपये और ले लिए गए। आरोपियों ने 12 दिसंबर को मंत्रालय में जॉइनिंग कराने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में विधानसभा सत्र का हवाला देकर टालमटोल करते रहे।
जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली तो पीड़ित दोबारा आरोपियों के घर पहुंचे और पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने गाली-गलौज कर साफ इनकार कर दिया।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
