CG : जमीन सौदा कर दगाबाजी पड़ी भारी , नहीं कराई रजिस्ट्री,11 लाख ठगे ,कोर्ट के आदेश पर 4 लोगों पर FIR …..

दुर्ग,। दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। एक व्यक्ति से 11 लाख रुपए लेने के बाद आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया। महीनों तक टालमटोल के बाद यह मामला कोर्ट पहुंचा, जिसके आदेश पर पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परिवादी अश्वनी कुमार डडसेना (59), निवासी ग्राम अंगारी जिला बालोद ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि, ग्राम केसरा, तहसील पाटन स्थित 0.93 हेक्टेयर जमीन खरीदने के लिए आरोपियों से 11 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। डडसेना के अनुसार, उन्होंने सौदे के तहत अलग-अलग तारीखों में RTGS के माध्यम से पूरी राशि आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दी थी। इसमें गणेश्वर सिन्हा के खाते में 5 लाख रुपए और नीलमनी व खेमीन सिन्हा के खातों में 3-3 लाख रुपए जमा किए गए। पूरी राशि मिलने के बावजूद आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी नहीं की।

परिवादी ने बताया कि, 25 अगस्त को सभी आरोपी दुर्ग रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे थे और दस्तावेज भी तैयार कर लिए गए थे। हालांकि, उस दिन सर्वर डाउन होने का हवाला देकर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसके बाद 29 अगस्त को पाटन रजिस्ट्री कार्यालय में दोबारा आने का आश्वासन दिया गया। लेकिन उस दिन सभी आरोपी उपस्थित नहीं हुए, जिस कारण रजिस्ट्री फिर टल गई। इस घटना के बाद परिवादी लगातार आरोपियों से संपर्क कर रजिस्ट्री कराने की मांग करते रहे। हालांकि, आरोपियों ने हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर प्रक्रिया को टाल दिया। इसके बाद परिवादी ने कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद अब यह कार्रवाई हुई है।

👉नोटिस दिया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया

हताश होकर परिवादी ने 18 सितंबर 2025 को विधिक नोटिस भेजा, लेकिन इसके बावजूद भी आरोपियों ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। आरोप है कि आरोपियों ने जानबूझकर रजिस्ट्री से बचने की रणनीति अपनाई, जिससे साफ तौर पर धोखाधड़ी की मंशा सामने आती है।

👉पुलिस से लेकर एसपी तक शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई

परिवादी ने 5 मार्च 2026 को रानीतराई थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 9 मार्च को पुलिस अधीक्षक दुर्ग से भी शिकायत की गई, लेकिन फिर भी मामला आगे नहीं बढ़ा। न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित ने कोर्ट में परिवाद दायर किया, जिसके बाद यह मामला दर्ज हो सका।

👉कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाटन ने परिवाद को स्वीकार किया और रानीतराई पुलिस को आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। सभी आरोपी एक ही परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं और जमीन के संयुक्त मालिक थे। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पाटन की केसरा गांव निवासी गणेश्वर प्रसाद सिन्हा, नीलमनी सिन्हा, खेमीन सिन्हा और लिकेश्वरी सिन्हा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 और 111 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही पुलिस को 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

👉जांच में खुलेंगे और भी राज

शुरुआती जांच में यह मामला सीधा आर्थिक धोखाधड़ी का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया है। 11 लाख की इस जमीन डील में धोखाधड़ी का मामला अब कानूनी दायरे में आ चुका है। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुई कार्रवाई से पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।