दुर्ग । छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामले में एसीबी की टीम ने दुर्ग जिले में सिंचाई विभाग के अधीन विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर जीपीएफ की राशि जारी कराने के एवज में आरोेपी कर्मचारी रिश्वत मांगी थी। जिसे एसीबी की टीम नेे 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कम्प मच गया है।

जानकारी के मुताबिक दुर्ग जिले में सिंचाई विभाग में कार्यरत कर्मचारी नंदकुमार कांमडे ने अपने बेटे की शादी के लिए जीपीएफ खाते से पांच लाख रुपये निकालने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 शिवकुमार ठाकुर ने फाइल आगे बढ़ाने और राशि स्वीकृत कराने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोेपी कर्मचारी रिश्वत देने का लगातार दबाव बना रहा था। इसके बाद उसने एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले मामले का सत्यापन किया।
शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। गुरुवार को जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से निगरानी कर रही एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में हाल के महीनों में एसीबी ने विभिन्न विभागों के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद सरकारी दफ्तरों में फाइल आगे बढ़ाने, भुगतान जारी करने और शासकीय प्रक्रियाओं के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में कमी आती नजर नहीं आ रही है।
