KORBA : सात समंदर पार खुशहाली का संदेश लेकर आए प्रवासी पक्षियों पर बरपा आसमानी आफत , आकाशीय बिजली की जद में आए 6 साइबेरियन पक्षियों की दर्दनाक मौत ,तड़ित चालक को लेकर उठे सवाल ! …

कोरबा। हजारों मील का सफर तय कर, सात समंदर पार से खुशहाली का संदेश लेकर आने वाले बेजुबान मेहमानों पर कुदरत का ऐसा कहर टूटा कि पूरा गांव आंसुओं में डूब गया। कोरबा जिले के करतला वनमंडल के रामपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 6 साइबेरियाई प्रवासी पक्षियों की असमय और दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब ये मासूम पक्षी गांव के एक पुराने इमली के पेड़ पर आराम कर रहे थे। इस घटना ने न सिर्फ ग्रामीणों के दिलों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे इलाके में मातम पसर गया है।

👉जिन्हें माना ‘सौभाग्य का प्रतीक’, उनकी मौत से टूटा ग्रामीणों का दिल

रामपुर गांव के लोगों और इन साइबेरियाई पक्षियों का रिश्ता सालों पुराना और बेहद गहरा है। हर साल बरसात के मौसम में ये पक्षी हजारों किलोमीटर दूर साइबेरिया से उड़कर यहाँ आते हैं, ऊंचे पेड़ों पर अपने घोंसले बनाते हैं, अंडे देते हैं और अपने बच्चों को उड़ना सिखाकर वापस लौट जाते हैं।

ग्रामीण इन पक्षियों को महज जीव नहीं, बल्कि अपने गांव का सौभाग्य और शुभ संकेत मानते हैं। उनका अटूट विश्वास है कि इन ‘मेहमानों’ के आने से गांव में अच्छी बारिश, सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। यही वजह है कि ग्रामीण अपनी संतानों की तरह इन पक्षियों की हिफाजत करते आए हैं। लेकिन मंगलवार को आई गरज-चमक के साथ तेज बारिश ने ग्रामीणों की खुशियों को मातम में बदल दिया।

👉चीख-पुकार के बीच वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची

जैसे ही इमली के पेड़ पर आकाशीय बिजली कड़की, उसकी चपेट में आने से 6 बेजुबान पक्षियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की खबर फैलते ही भारी संख्या में ग्रामीण रोते-बिलखते पेड़ के पास इकट्ठा हो गए। तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत पक्षियों के शवों को अपने कब्जे में लिया। हालांकि, प्राथमिक तौर पर मामला आकाशीय बिजली का ही है, लेकिन विभाग हर पहलू से इसकी जांच कर रहा है।

👉सुरक्षा पर उठे सवाल: तड़ित चालक के होते हुए भी कैसे हुआ यह हादसा?

इस दुखद घटना ने ग्रामीणों के मन में एक बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि आकाशीय बिजली से सुरक्षा के लिए गांव में पहले से ही तड़ित चालक (Lightning Conductor) लगाया गया है। इसके बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही या तकनीकी खामी कैसे हुई कि बिजली सीधे पेड़ पर जा गिरी? ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की तकनीकी जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में इन बेजुबान मेहमानों और ग्रामीणों की जान सुरक्षित रह सके।