0 पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने निवास पहुंचकर दी पुष्पांजलि
0 अलग-अलग रीति से हुआ अंतिम संस्कार, गुरू माँ भी रहीं उपस्थित
कोरबा। कोरबा में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने वाली मालती किन्नर नहीं रहीं। उनके निधन ने किन्नर समाज सहित उन्हें करीब से जानने-पहचानने वालों को भी शोकमग्न कर दिया है। आज रविवार को अंतिम संस्कार से पहले सीतामढ़ी वैष्णो दरबार के निकट स्थित उनके निवास पर पार्थिव देह का अंतिम दर्शन करने शुभचिंतक पहुंचते रहे। छत्तीसगढ़ के पूर्व राजस्व मंत्री व कोरबा के पूर्व विधायक जयसिंह अग्रवाल ने भी निवास पहुंचकर अपनी पुष्पांजलि अर्पित की।


पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस दौरान अपने शोक संदेश में कहा कि मालती किन्नर के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।उन्होंने विभिन्न जिलों से आये हुए किन्नर समाज के शोकाकुल लोगों एवं उनके शुभचिंतकों से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। श्री अग्रवाल ने कहा कि विषम परिस्थितियों और संघर्षों के बावजूद मालती किन्नर ने कोरबा में अपनी एक अलग पहचान बनाई और समाज में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी। उनका निधन उनके समाज एवं कोरबा के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुलजनों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें।
👉 किन्नर समाज के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार
मालती किन्नर ने किन्नर समाज में से किसी का निधन होने पर अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम हेतु जमीन का आवंटन कराया था। उसी मुक्तिधाम में आज दोपहर बाद मालती किन्नर का अंतिम संस्कार अलग-अलग रीति से किया गया। निवास से प्रारम्भ अन्तिम यात्रा मुड़ापार में हेलीपैड के निकट स्थित किन्नर समाज के मुक्तिधाम में सम्पन्न हुई। यहां नागपुर से आई गुरू मां की उपस्थिति व मार्गदर्शन में अंतिम संस्कार किन्नर समाज की परंपरा के अनुसार करने की विधि पुरी की गई। इसके साथ ही हिंदू रीति रिवाज को भी अपनाया गया और चूंकि मालती किन्नर के पति समुदाय विशेष से वास्ता रखते हैं, इसलिए उनके समाज की भी विधि अंतिम संस्कार के वक्त पूरी की गई। उपस्थित लोगों ने नम आंखों से मालती किन्नर को अंतिम विदाई देते हुए अपनी-अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
