KORBA : श्रम मंत्री के शहर में सड़क पर मौत का मुआवजा ! प्रशासन और कार्पोरेट जगत की संवेदनशीलता पर उठे सवाल ….

कोरबा । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सामने आई एक एक तस्वीर ने प्रशासनिक और कार्पोरेट जगत की संवेदनशीलता को तारतार कर दिया। उससे बड़ी शर्मशार करने वाली बात ये जिस जगह से ये तस्वीर आई वो प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवागंन का होम टाउन है। जहां वेदांता पावर प्लाट बॉयलर ब्लास्ट में जिस परिवार ने बॉयलर ब्लास्ट में अपना सहारा खो दिया, उसी परिवार को अब सम्मान की जगह सड़क पर खड़ा कर “मुआवज़ा” दिया जा रहा है।

चेक ले रही महिला की आंखों में साफ दिख रहा है​ कि “मुआवज़ा” देने का ये तरीका अपनों को खोने के दर्द से ज्यादा चुभ वाला है। मगर मुआवजा देने वाले अफसर का चेहरा बता रहा है कि ये वाकया उनके लिए केवल “मुआवज़ा” की औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं है। ये तस्वीर सामने आने के बाद स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि क्या किसी की मौत के बाद मिलने वाला मुआवज़ा भी इस तरह “बांटा” जाएगा? क्या यही इंसाफ है?

ये तस्वीर गीतांजलि भवन के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, न तो कोई औपचारिक व्यवस्था की गई और न ही पीड़ित परिवार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता दिखाई गई। लोगों का कहना है कि मुआवज़ा देना एक प्रशासनिक प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन उसका तरीका मानवीय होना चाहिए। बताया जा रहा है कि यह भुगतान BALCO प्रबंधन की ओर से किया गया। हालांकि, जिस तरीके से चेक सौंपा गया, लेकिन ये प्रशासनिक और कार्पोरेट जगत के सीधा तमाचा है।

👉अब तक 21 श्रमिकों की हो चुकी है मौत

बता दें कि, 14 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड प्लांट के बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े पानी सप्लाई पाइप के जोड़ में आई तकनीकी खराबी के कारण जोरदार विस्फोट हुआ था। हादसे में अब तक 24 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच बिलासपुर संभाग के आयुक्त को सौंपी गई है। साथ ही, संबंधित थाने में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। मुआवज़ा वितरण के तरीके को लेकर उठे विवाद के बीच अब यह देखना होगा कि प्रशासन और जिम्मेदार संस्थाएं इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं और क्या पीड़ित परिवारों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।

सोर्स -newspowerzone.com