कोरबा। मोबाइल आज सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि लोगों की यादें, जरूरी दस्तावेज, परिवार की तस्वीरें और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में जब मोबाइल गुम हो जाता है, तो लोगों को सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं बल्कि भावनात्मक परेशानी भी झेलनी पड़ती है।

मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोग भावुक नजर आए। किसी के फोन में बच्चों की तस्वीरें थीं, तो किसी का जरूरी डाटा और बैंकिंग जानकारी। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि उनका खोया मोबाइल कभी वापस मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान जब लोगों को उनके मोबाइल लौटाए गए, तो साइबर थाना परिसर में खुशी का माहौल देखने को मिला। लोगों ने कोरबा पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस पहल से पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर, नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा के मार्गदर्शन में टीम लगातार काम कर रही है।
साइबर टीम ने CEIR पोर्टल और तकनीकी सहायता के जरिए अलग-अलग जिलों और राज्यों से मोबाइल ट्रेस किए। इस अभियान में उप निरीक्षक अजय सोनवानी और साइबर टीम की भूमिका अहम रही।
बरामद मोबाइलों में Apple, Samsung, Oppo, Vivo, Redmi, Realme और OnePlus जैसी कंपनियों के फोन शामिल हैं।
कोरबा पुलिस के मुताबिक, पिछले चार महीनों में 200 से ज्यादा गुम मोबाइल उनके असली मालिकों तक पहुंचाए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि लोगों का भरोसा बना रहे और साइबर सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
