महासमुंद। महासमुंद जिले में करीब 1.5 करोड़ रुपए के एलपीजी घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में प्लांट मैनेजर, खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी और गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर को हिरासत में लिया है।
पंकज चंद्राकर भाजपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री पूरन चंद्राकर के दामाद बताए जा रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।
👉6 गैस कैप्सूल से निकाली गई 90 मीट्रिक टन LPG

पुलिस जांच में सामने आया है कि मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर 6 अप्रैल 2026 के बीच सुनियोजित तरीके से LPG की कालाबाजारी की गई।आरोप है कि खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव, गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर और प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव ने मिलकर 6 गैस कैप्सूल अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को हैंडओवर किए थे। इसके बाद कैप्सूल वाहनों से गैस निकालकर अलग-अलग टैंकरों के जरिए बाजार में खपाई गई।
👉GPS सिस्टम ने खोला पूरा राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब जांच टीम ने गैस कैप्सूल में लगे GPS सिस्टम का डेटा खंगाला। पुलिस ने गतिविधियों का क्रमवार विश्लेषण किया, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ।
जांच में पता चला कि, 31 मार्च को 2 कैप्सूल, 1 अप्रैल को 1 कैप्सूल, 3 अप्रैल को 1 कैप्सूल, 5 अप्रैल को 2 कैप्सूल से गैस निकाली गई। इस तरह कुल 6 कैप्सूल से करीब 90 मीट्रिक टन LPG अवैध रूप से खाली की गई।
👉दो आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव, खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव और पंकज चंद्राकर को हिरासत में लिया है। वहीं ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
